सूरज उगते ही बरसने लगी 'आग', नौतपा के पहले ही दिन तंदूर की तरह दहक उठे देश के दो शहर तापमान 47 डिग्री के पार|
नौतपा के पहले ही दिन उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और ओडिशा समेत पूरा उत्तर भारत भीषण गर्मी और लू की चपेट में।

भीषण गर्मी और धूप से बचने के लिए चेहरे पर स्कार्फ बांधकर और छतरी लेकर सड़क पर चलती दो युवतियां।
भारतीय उपमहाद्वीप में नौतपा की शुरुआत के साथ ही मौसमी तपिश ने एक नया और अत्यंत गंभीर रूप धारण कर लिया है। उत्तर भारत से लेकर मध्य और पूर्वी भारत के कई हिस्से इस समय भीषण लू (हीटवेव) की चपेट में हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश का बांदा और महाराष्ट्र का ब्रह्मपुरी क्षेत्र देश के सबसे गर्म स्थानों में दर्ज किए गए हैं, जहां अधिकतम तापमान 47.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। इस अप्रत्याशित मौसमी ऊष्मा के कारण मैदानी इलाकों में दोपहर के समय सड़कें पूरी तरह से वीरान नजर आ रही हैं और गर्म हवाओं के तीव्र थपेड़ों ने आम नागरिकों का घरों से बाहर निकलना पूरी तरह दूभर कर दिया है।
मौसम विभाग के आधिकारिक मानकों के मुताबिक, जब मैदानी क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस की सीमा को पार कर जाता है, तो उसे 'लू' की स्थिति घोषित किया जाता है। वहीं, जब पारा 47 डिग्री सेल्सियस के स्तर को लांघ जाता है, तो उसे 'भीषण लू' (सिवियर हीटवेव) की श्रेणी में रखा जाता है। इस समय उत्तर प्रदेश के कम से कम छह प्रमुख शहर इस गंभीर मौसमी स्थिति से गुजर रहे हैं। बांदा में दर्ज किया गया 47.6 डिग्री सेल्सियस तापमान सामान्य से 4.1 डिग्री अधिक है। इसके अलावा राज्य के अन्य शहरों में भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, जहां झांसी में 46 डिग्री, उरई में 45.8 डिग्री, आगरा में 45.5 डिग्री, प्रयागराज में 45.4 डिग्री और हमीरपुर में 45.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया है।
मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी जारी की है कि पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में न केवल दिन के समय भीषण लू की स्थिति बनी रहेगी, बल्कि रातें भी असामान्य रूप से गर्म रहने का अनुमान है। इस आपातकालीन मौसमी संकट को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने पहले ही एक विस्तृत स्वास्थ्य परामर्श (एडवाइजरी) जारी कर दी है। सरकार ने आम जनता को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच अत्यंत आवश्यक कार्य न होने पर घरों से बाहर न निकलने की वैधानिक सलाह दी है। इसके साथ ही, शरीर में पानी की मात्रा बनाए रखने के लिए हल्के सूती कपड़े पहनने, मौसमी फलों का सेवन करने और पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थों का उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं।
देश के अन्य राज्यों की बात करें तो महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में भी स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है। आईएमडी ने विदर्भ क्षेत्र के लिए अगले दो दिनों तक लू का अलर्ट और उसके पश्चात 28 मई तक 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। ब्रह्मपुरी में तापमान सामान्य से पांच डिग्री अधिक दर्ज किया गया है। विदर्भ के अन्य प्रमुख शहरों में नागपुर में 46.5 डिग्री, गढ़चिरौली और भंडारा में 46.4 डिग्री तथा गोंदिया में 46.1 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। वहीं राजस्थान में कोटा 45.6 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म स्थान रहा, जबकि हरियाणा के सिरसा में 46.2 डिग्री और मध्य प्रदेश के खजुराहो में पारा 47.2 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा। ओडिशा में भी नौ शहरों में पारा 43 डिग्री के पार चला गया है, जिसके चलते संबलपुर, बलांगीर और बौध जिलों के लिए 'रेड अलर्ट' तथा कई अन्य जिलों के लिए 'ऑरेंज' व 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली भी इससे अछूती नहीं है, जहां रिज स्टेशन पर अधिकतम तापमान 44.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 29 मई से तापमान में आंशिक कमी आने के बाद ही इस भीषण लू से राहत मिल सकती है।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
