झुलसा देने वाली गर्मी शुरू: दक्षिण भारत में सूरज के तीखे तेवर, रेड अलर्ट के बीच प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी।
दक्षिण भारत में मार्च की शुरुआत के साथ ही भीषण गर्मी और 'लू' का अलर्ट जारी किया गया है। तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक में तापमान सामान्य से अधिक रहने का अनुमान है। जानें बचाव के उपाय और मौसम विभाग की ताजा चेतावनी।

The sun is scorching in South India
दक्षिण भारत में प्रचंड गर्मी का आगाज़: समय से पहले 'लू' ने दी दस्तक
आमतौर पर दक्षिण भारत में मार्च का महीना गर्मियों की शुरुआत का संकेत देता है, लेकिन इस साल (2026) स्थिति चिंताजनक है। तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक के कई हिस्सों में तापमान अभी से ही रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि दक्षिण भारत के राज्यों में समय से पहले 'लू' (Heatwave) चलने की स्थिति पैदा हो गई है, जो आने वाले दिनों में और अधिक गंभीर हो सकती है।
कर्नाटक में रेड अलर्ट: उत्तर आंतरिक जिलों में बुरा हाल
मौसम विभाग ने कर्नाटक के उत्तर आंतरिक जिलों (North Interior Karnataka) के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। बागलकोट, कोप्पल और बेलगावी जैसे जिलों में तापमान सामान्य से काफी ऊपर चला गया है। बेंगलुरु में भी गर्मी ने पिछले कई सालों के रिकॉर्ड की तरफ कदम बढ़ा दिए हैं। जहाँ फरवरी के अंत तक मौसम खुशनुमा रहता था, वहीं अब मार्च की शुरुआत में ही अधिकतम तापमान 34 से 35 डिग्री सेल्सियस के पार जा रहा है। कर्नाटक के तटीय इलाकों में उमस भरी गर्मी (Humid Heat) ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है।
तमिलनाडु और केरल में तापमान का नया रिकॉर्ड
तमिलनाडु के आंतरिक जिलों जैसे इरोड, सलेम और मदुरै में पारा 37 से 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। चेन्नई और आसपास के तटीय क्षेत्रों में 'लू' जैसे हालात बनने की संभावना है। दूसरी ओर, केरल, जिसे अपनी हरियाली और ठंडे मौसम के लिए जाना जाता है, वहां भी इस बार गर्मी समय से पहले हावी हो गई है। केरल के कई जिलों में रात का तापमान भी सामान्य से अधिक दर्ज किया जा रहा है, जिससे लोगों को रात में भी राहत नहीं मिल पा रही है।
मौसम विभाग (IMD) के मुख्य तथ्य:
- भीषण लू की चेतावनी: कर्नाटक के उत्तरी हिस्सों में 3 से 6 दिनों तक लगातार भीषण लू चलने का अनुमान है।
- तापमान में उछाल: तटीय कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के रायलसीमा क्षेत्र में पारा 39 डिग्री सेल्सियस तक छूने के आसार हैं।
- अल-नीनो का प्रभाव: विशेषज्ञों का मानना है कि समुद्र की सतह के तापमान में बदलाव और अल-नीनो के प्रभाव के कारण दक्षिण भारत इस बार समय से पहले तप रहा है।
- न्यूनतम तापमान: रात का पारा भी 1.5 से 3.0 डिग्री सेल्सियस तक ऊपर बना हुआ है।
स्वास्थ्य पर खतरा: क्या करें और क्या न करें?
समय से पहले आई इस भीषण गर्मी का सीधा असर बच्चों, बुजुर्गों और बाहर काम करने वाले मजदूरों पर पड़ रहा है। डॉक्टरों ने 'हीट स्ट्रोक' (Heatstroke) और 'डिहाइड्रेशन' को लेकर अलर्ट जारी किया है।
- दोपहर में बाहर निकलने से बचें: विशेषकर दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच सीधी धूप में न जाएं।
- सूती कपड़ों का प्रयोग: शरीर को ठंडा रखने के लिए हल्के रंग के और ढीले सूती कपड़े पहनें।
- पेय पदार्थों का महत्व: दिन भर में कम से कम 3-4 लीटर पानी पिएं। ओआरएस (ORS), नींबू पानी, और नारियल पानी का सेवन शरीर के इलेक्ट्रोलाइट्स को संतुलित रखने में मदद करता है।
- पशु-पक्षियों का ध्यान: इस भीषण गर्मी में बेजुबान जानवरों के लिए भी घर के बाहर पानी के बर्तन रखें।
खेती और बुनियादी ढांचों पर असर
समय से पहले बढ़ती गर्मी ने दक्षिण भारत के किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है। विशेष रूप से बागवानी फसलों और मसालों की खेती पर इसका बुरा असर पड़ सकता है। इसके अलावा, अचानक बढ़ी गर्मी के कारण बिजली की मांग (AC और पंखों के इस्तेमाल से) में भी भारी उछाल आया है, जिससे कई इलाकों में ग्रिड पर दबाव बढ़ गया है और बिजली कटौती की समस्या भी देखी जा रही है।
दक्षिण भारत में समय से पहले आई यह गर्मी जलवायु परिवर्तन (Climate Change) का एक स्पष्ट संकेत है। तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक के प्रशासन ने अस्पतालों को अलर्ट पर रखा है और कूलिंग शेल्टर (Cooling Shelters) बनाने के निर्देश दिए हैं। आने वाले 15 दिन दक्षिण भारत के लिए काफी कठिन हो सकते हैं। ऐसे में जरूरी है कि नागरिक मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें और अपनी सेहत के प्रति जागरूक रहें।

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