राजस्थान में पलक झपकते ही हुई रात ; काले-पीले आंधी से बनी ‘ब्लैकआउट’ जैसी स्थिति
30 मई 2026 को उत्तरी राजस्थान में भीषण धूल भरी आंधी ने चूरू और बीकानेर सहित कई जिलों को अंधकार में डुबो दिया। तेज हवाओं और धूल के गुबार से दृश्यता लगभग शून्य हो गई, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी ऐसी घटनाओं की चेतावनी जारी की है।

राजस्थान में धूल भरी आंधी का कहर
उत्तरी राजस्थान के कई जिलों में 30 मई 2026 को अचानक उठी भीषण धूल भरी आंधी ने सामान्य जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया। तेज रफ्तार हवाओं के साथ उठी रेत और धूल की मोटी दीवारों ने कुछ ही मिनटों में दिन के उजाले को घने अंधकार में बदल दिया, जिससे चूरू और बीकानेर सहित आसपास के क्षेत्रों में दृश्यता लगभग शून्य तक पहुंच गई।
जानकारी के अनुसार, यह धूल भरी आंधी अचानक पश्चिमी राजस्थान के थार मरुस्थल क्षेत्र से उठी और तेजी से उत्तर दिशा की ओर फैल गई। आसमान में धूल के गुबार और रेत के कणों ने मिलकर दिन के समय को ऐसा प्रतीत कराया जैसे शाम या रात हो चुकी हो। स्थानीय लोगों ने बताया कि कुछ ही क्षणों में वातावरण पूरी तरह बदल गया और चारों ओर अंधेरा छा गया।
Sandstorm in Rajasthan pic.twitter.com/oqV8kTr99M
— War & Gore (@Goreunit) May 30, 2026
इस प्राकृतिक घटना का सबसे अधिक असर चूरू और बीकानेर जिलों में देखा गया, जहां दृश्यता इतनी कम हो गई कि वाहनों की आवाजाही लगभग ठप पड़ गई। कई स्थानों पर वाहन चालकों को मजबूरन अपनी गाड़ियाँ रोकनी पड़ीं। आम जनजीवन पर अचानक पड़े इस प्रभाव से लोग घरों में रहने को विवश हो गए।
Rajasthan looks straight out of a movie.pic.twitter.com/zi83SjNosF
— WarMonitor (@WarMonitorINTL) May 30, 2026
मौसम विभाग और विशेषज्ञों के अनुसार, राजस्थान में इस समय भीषण गर्मी की स्थिति बनी हुई है, जहां तापमान कई स्थानों पर 43 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है। इसी अत्यधिक गर्मी और वायुमंडलीय अस्थिरता के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई। बताया गया कि पश्चिमी विक्षोभ, उत्तर-पश्चिम भारत में बने चक्रवाती परिसंचरण और अरब सागर तथा बंगाल की खाड़ी से आने वाली आर्द्र हवाओं के संयुक्त प्रभाव से वायुमंडल अस्थिर हो गया, जिससे धूल भरी आंधियों और तेज हवाओं की घटनाएं सामने आईं।
Seen yellow Duststorm many times but seeing the Red for the first time.
— Weatherman Rajasthan (@Rajsthanweather) May 30, 2026
📍 Lunkarnsar , Bikaner
📍Bhanipura , Churu pic.twitter.com/HoGyFXgbMn
भारतीय मौसम विभाग ने पहले ही चेतावनी जारी की थी कि उत्तरी भारत के कई हिस्सों में आने वाले दिनों में धूल भरी आंधी, ओलावृष्टि और तेज हवाओं की घटनाएं देखने को मिल सकती हैं। वर्तमान स्थिति उसी व्यापक मौसमीय प्रणाली का हिस्सा मानी जा रही है, जो क्षेत्रीय स्तर पर मौसम को प्रभावित कर रही है। इस घटना ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि बदलते मौसमी पैटर्न और चरम तापमान की परिस्थितियों में मरुस्थलीय क्षेत्रों में अचानक आने वाली आंधियां कितनी तीव्र और अप्रत्याशित हो सकती हैं, जो कुछ ही क्षणों में पूरे क्षेत्र के जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर देती हैं।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
