नई दिल्ली/चेन्नई।

फरवरी आमतौर पर मौसम के बदलते मिज़ाज का महीना माना जाता है। सर्दी धीरे-धीरे कम होने लगती है और गर्मी दस्तक देने लगती है। लेकिन इस बार दक्षिण भारत में मौसम कुछ ज्यादा ही सक्रिय दिखाई दे रहा है। 11 फरवरी 2026 को दक्षिणी राज्यों के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग का कहना है कि यह बदलाव समुद्री नमी और मौसमी दबाव तंत्र के कारण हो रहा है।

किन राज्यों पर ज्यादा असर?

ताजा मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक, दक्षिण भारत के कई इलाकों में बारिश का असर देखने को मिलेगा। खासतौर पर:

  • दक्षिण आंतरिक कर्नाटक
  • तमिलनाडु
  • पुडुचेरी
  • केरल
  • आंध्र प्रदेश के कुछ तटीय इलाके

इन जगहों पर कहीं तेज तो कहीं मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ चुनिंदा इलाकों में बहुत भारी वर्षा की भी संभावना है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।

तटीय इलाकों में बढ़ सकती है हवा की रफ्तार

बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आ रही नमी का असर तटीय क्षेत्रों में ज्यादा दिखाई देगा। हवाएं 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं।

इसका असर कुछ इस तरह हो सकता है:

  • समुद्र में ऊंची लहरें उठ सकती हैं
  • मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है
  • पेड़ों और बिजली की लाइनों को नुकसान हो सकता है

स्थानीय प्रशासन ने तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और किसी भी चेतावनी को नजरअंदाज न करें।

गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा

तमिलनाडु और केरल के कई हिस्सों में बारिश के साथ तेज गरज-चमक भी हो सकती है। ऐसे मौसम में बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ जाती हैं, इसलिए सावधानी बहुत जरूरी है।

क्या करें?

  • बारिश और बिजली कड़कने के दौरान खुले मैदान में न खड़े हों
  • पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचें
  • खुले स्थानों पर मोबाइल का उपयोग सीमित रखें
  • वाहन चलाते समय गति धीमी रखें
  • थोड़ी सी सतर्कता बड़े हादसे को टाल सकती है।

तापमान में हल्की गिरावट

लगातार बादल छाए रहने और बारिश होने से तापमान में हल्की कमी आ सकती है।

संभावित तापमान:

  • अधिकतम: 26 से 30 डिग्री सेल्सियस
  • न्यूनतम: 20 से 23 डिग्री सेल्सियस

दिन में मौसम सुहावना लग सकता है, लेकिन रात के समय नमी बढ़ने से हल्की उमस महसूस हो सकती है।

शहरों में जलभराव की चिंता

चेन्नई, बेंगलुरु और तिरुवनंतपुरम जैसे बड़े शहरों में तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भर सकता है। इससे ट्रैफिक धीमा पड़ सकता है और लोगों को ऑफिस या घर पहुंचने में देरी हो सकती है।

नगर निगम और स्थानीय प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत कदम उठाए जा सकें।

क्यों बदल रहा है मौसम?

मौसम वैज्ञानिक बताते हैं कि फरवरी में कभी-कभी समुद्री नमी और पश्चिमी विक्षोभ मिलकर ऐसा वातावरण बना देते हैं, जिससे अचानक बारिश होने लगती है। हालांकि यह कोई बड़ा चक्रवात नहीं है, लेकिन स्थानीय स्तर पर तेज बारिश जरूर हो सकती है।

लोगों के लिए जरूरी सलाह

  • मौसम की ताजा जानकारी नियमित रूप से देखें
  • अनावश्यक यात्रा से बचें
  • तटीय क्षेत्रों में खास सावधानी रखें
  • प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें

आगे क्या संकेत?

मौसम विभाग के अनुसार, 11 फरवरी के बाद भी कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है। हालांकि भारी बारिश का क्षेत्र सीमित रहने की उम्मीद है। धीरे-धीरे मौसम सामान्य हो सकता है, लेकिन फिलहाल सतर्क रहना ही समझदारी है।


कुल मिलाकर, 11 फरवरी 2026 को दक्षिण भारत का मौसम सक्रिय और थोड़ा अस्थिर रहने वाला है। कई राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं की संभावना लोगों के लिए चेतावनी का संकेत है। जहां बारिश से गर्मी से राहत मिलेगी, वहीं जलभराव और यातायात जैसी दिक्कतें भी सामने आ सकती हैं। इसलिए जरूरी है कि लोग सावधानी बरतें, मौसम की जानकारी लेते रहें और सुरक्षित रहें।

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