दिल्ली की सुबह जब नींद से जागी, तो ठिठुरन ने शहर को अपनी गिरफ्त में ले लिया। सर्द हवाओं के तेज झोंकों और घने कोहरे की चादर के बीच राजधानी ने एक ऐसा रिकॉर्ड दर्ज किया, जिसने बीते 13 वर्षों के आंकड़ों को पीछे छोड़ दिया। पालम मौसम केंद्र में न्यूनतम तापमान गिरकर लगभग 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे दिल्ली-एनसीआर में ठंड का असर असाधारण रूप से बढ़ गया। मौसम विभाग के अनुसार, यह तापमान सामान्य से कई डिग्री नीचे दर्ज किया गया, जिसने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया।

सुबह के समय सड़कों पर सन्नाटा और धुंध की मोटी परत साफ नजर आई। वाहन चालकों को कम दृश्यता के कारण खासा संघर्ष करना पड़ा, वहीं हवाई और रेल यातायात पर भी मौसम की मार दिखी। कई इलाकों में कोहरे की वजह से दृश्यता बेहद कम रही, जिससे यातायात की रफ्तार धीमी पड़ गई। कार्यालय जाने वाले लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ा, जबकि स्कूल जाने वाले बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतनी पड़ी।

पालम मौसम केंद्र से प्राप्त आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, यह न्यूनतम तापमान पिछले 13 वर्षों में सबसे कम दर्ज किया गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अधिकारियों ने बताया कि उत्तर-पश्चिमी हवाओं के सक्रिय होने और आकाश के साफ रहने के कारण रात के तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई। इसके साथ ही, सुबह के समय आर्द्रता के स्तर में बढ़ोतरी होने से कोहरा और अधिक घना हो गया, जिसने ठंड की अनुभूति को और तीव्र बना दिया।

दिल्ली के कई इलाकों में लोग अलाव और हीटर का सहारा लेते नजर आए। झुग्गी-बस्तियों और खुले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए यह ठंड और भी ज्यादा चुनौतीपूर्ण साबित हुई। रैन बसेरों में लोगों की संख्या में वृद्धि देखी गई, जहां प्रशासन द्वारा कंबल और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। नगर निगम और जिला प्रशासन ने ठंड से बचाव के लिए विशेष इंतजाम करने की जानकारी दी है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी इस अचानक गिरी ठंड को लेकर चेतावनी जारी की है। डॉक्टरों का कहना है कि इतनी कम तापमान पर बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। सांस की समस्या, सर्दी-जुकाम और हृदय से जुड़ी परेशानियों का खतरा इस मौसम में बढ़ जाता है। अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या में इजाफा देखा गया है, जिन्हें ठंड से संबंधित शिकायतें हैं।

मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक ठंड और कोहरे की स्थिति बने रहने की संभावना जताई है। अधिकारियों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमी परिस्थितियों के कारण तापमान में अभी और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। राजधानी में रहने वाले लोगों को सुबह और देर रात बाहर निकलते समय विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

इस रिकॉर्डतोड़ ठंड ने न केवल दिल्लीवासियों को चौंका दिया है, बल्कि यह संकेत भी दिया है कि बदलते मौसम पैटर्न अब अधिक तीव्र और अप्रत्याशित हो रहे हैं। पालम मौसम केंद्र में दर्ज यह ऐतिहासिक गिरावट आने वाले दिनों के लिए एक गंभीर चेतावनी मानी जा रही है, जो यह दर्शाती है कि सर्दी का यह दौर सिर्फ एक मौसमीय घटना नहीं, बल्कि जनजीवन और स्वास्थ्य से जुड़ा एक बड़ा मुद्दा बन चुका है।

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