ओडिशा में जानलेवा हीटवेव के बीच सरकार का बड़ा फैसला ; मजदूरों के काम के समय में बड़ा बदलाव
ओडिशा में भीषण हीटवेव और 45 डिग्री से अधिक तापमान के बीच राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए दोपहर 11 बजे से 3 बजे तक बाहरी मजदूरी पर रोक लगा दी है। मजदूरों की सुरक्षा के लिए वर्क्स डिपार्टमेंट ने निर्माण एजेंसियों को पानी, ओआरएस, छायादार विश्राम स्थल और मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराने के सख्त निर्देश जारी किए हैं।

ओडिशा में हीटवेव का अलर्ट
ओडिशा इस समय भीषण गर्मी और जानलेवा हीटवेव की चपेट में है। राज्य के कई जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंचने के बाद सरकार ने बड़ा और सख्त कदम उठाया है। बढ़ती गर्मी के बीच मजदूरों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ओडिशा वर्क्स डिपार्टमेंट ने राज्यभर में दोपहर 11 बजे से 3 बजे तक खुले में श्रमिकों से काम कराने पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह आदेश 24 मई 2026, रविवार से तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया।
सरकार का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब पश्चिमी ओडिशा के कई हिस्सों में गर्म हवाओं ने हालात बेहद गंभीर बना दिए हैं। प्रशासन को लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि पहले जारी चेतावनियों के बावजूद निर्माण स्थलों पर मजदूरों से तेज धूप और झुलसा देने वाली गर्मी में काम कराया जा रहा है। इसी को देखते हुए राज्य सरकार ने सख्त निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट किया कि दोपहर के सबसे खतरनाक समय में किसी भी श्रमिक को खुले में काम नहीं कराया जाएगा।
वर्क्स डिपार्टमेंट के इंजीनियर-इन-चीफ (EIC) ने राज्य के सभी चीफ कंस्ट्रक्शन इंजीनियरों और सुपरिंटेंडिंग इंजीनियरों को निर्देश दिया है कि इस आदेश का हर हाल में पालन सुनिश्चित किया जाए। सड़क निर्माण, पुल निर्माण, सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं और अन्य सार्वजनिक निर्माण कार्यों में लगे सभी ठेकेदारों और एजेंसियों को मजदूरों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम करने के आदेश दिए गए हैं।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि निर्माण स्थलों पर श्रमिकों के लिए पीने के साफ पानी की व्यवस्था, ओआरएस पैकेट, अस्थायी छायादार विश्राम स्थल, प्राथमिक उपचार और मेडिकल सहायता उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। मजदूरों को पर्याप्त आराम देने और उनकी शारीरिक स्थिति पर नजर रखने के भी निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि किसी निर्माण एजेंसी या ठेकेदार द्वारा इन निर्देशों की अनदेखी की गई तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
ओडिशा के कई जिलों में तापमान खतरनाक स्तर तक पहुंच चुका है। तितलागढ़ में पारा 45.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि बौध, भवानीपटना, संबलपुर, सोनपुर और बलांगीर जैसे जिलों में भी तापमान 44 से 45 डिग्री के बीच बना रहा। तेज धूप और गर्म हवाओं ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। दोपहर के समय सड़कें लगभग सुनसान दिखाई दे रही हैं और लोग घरों में रहने को मजबूर हैं।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने झारसुगुड़ा, संबलपुर, बलांगीर और बौध समेत कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार 28 मई तक राज्य में गंभीर हीटवेव की स्थिति बनी रह सकती है। विभाग ने लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर न निकलने, अधिक पानी पीने, हल्के सूती कपड़े पहनने और भारी शारीरिक गतिविधियों से बचने की सलाह दी है। खास तौर पर बच्चों, बुजुर्गों और दैनिक मजदूरी करने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है।
ओडिशा में बढ़ती गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान ने प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। ऐसे में राज्य सरकार का यह फैसला न केवल हजारों मजदूरों की सुरक्षा के लिहाज से अहम माना जा रहा है, बल्कि यह भी संकेत देता है कि आने वाले दिनों में हीटवेव जैसी आपदाओं से निपटने के लिए और सख्त कदम उठाए जा सकते हैं। भीषण गर्मी के बीच यह आदेश फिलहाल श्रमिकों के लिए राहत की बड़ी खबर बनकर सामने आया है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
