उत्तर भारत के राज्यों में इन दिनों प्रकृति के दो अलग-अलग रूप देखने को मिल रहे हैं। जहां एक ओर मैदानी इलाकों में सूरज की तपिश ने दस्तक दे दी है, वहीं दूसरी ओर पहाड़ों पर एक बार फिर 'सफेद चादर' बिछने की तैयारी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, एक नए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण हिमालयी क्षेत्रों में हलचल तेज हो गई है।

हिमाचल प्रदेश: ऊंचे शिखरों पर बर्फबारी का दौर

हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। लाहौल-स्पीति, किन्नौर, चंबा और कुल्लू के ऊपरी इलाकों में हल्की से मध्यम बर्फबारी की संभावना जताई गई है। रोहतांग दर्रा और अटल टनल के आसपास के क्षेत्रों में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले दो दिनों तक राज्य के मध्यम और ऊंचे पहाड़ी इलाकों में गरज के साथ बारिश और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। शिमला, मनाली और डलहौजी जैसे पर्यटन स्थलों पर भी बादल छाए रहने और हल्की बूंदाबांदी की उम्मीद है, जिससे पर्यटकों को सुहावने मौसम का आनंद मिलेगा। हालांकि, बागवानों के लिए यह चिंता का विषय है क्योंकि सेब के बागानों में इस समय फ्लावरिंग (फूल आने) का समय है।

उत्तराखंड: चारधाम यात्रा मार्गों पर सतर्कता

उत्तराखंड में भी मौसम का मिजाज बिगड़ता नजर आ रहा है। उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ जैसे सीमांत जिलों में 3300 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले स्थानों पर हिमपात (Snowfall) की संभावना है। केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम की ऊंची पहाड़ियों पर रुक-रुक कर बर्फ गिर रही है, जिससे निचले इलाकों में ठंडी हवाएं चल रही हैं।

मैदानी जिलों जैसे देहरादून, हरिद्वार और उधमसिंह नगर में दिन के समय तेज धूप निकल रही है, लेकिन शाम होते-होते ठंडी हवाएं और आंशिक बादल लोगों को गर्मी से राहत दे रहे हैं। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि पहाड़ी रास्तों पर फिसलन और दृश्यता (Visibility) कम होने के कारण यात्रियों को सावधानी बरतनी चाहिए।

पंजाब और हरियाणा: गर्मी और बादलों की जंग

मैदानी राज्यों विशेषकर पंजाब में गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। अमृतसर, लुधियाना और पटियाला जैसे शहरों में अधिकतम तापमान सामान्य से 2-3 डिग्री ऊपर पहुंच गया है। हालांकि, पहाड़ों पर हो रही हलचल का असर यहां भी देखने को मिल रहा है।

पंजाब के सीमावर्ती इलाकों में धूल भरी आंधी और बादलों की आवाजाही की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, "हल्के बादलों की वजह से सूरज की सीधी तपिश कम होगी, जिससे दोपहर के समय लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है।" हरियाणा के भी कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है, जो बढ़ते पारे पर लगाम लगा सकती है।

मौसम विभाग के मुख्य तथ्य (Quick Facts)

  • पश्चिमी विक्षोभ: उत्तर भारत के मौसम में बदलाव का मुख्य कारण ईरान की ओर से आने वाली नमी युक्त हवाएं हैं।
  • तापमान में गिरावट: बर्फबारी के चलते पहाड़ों पर पारा 0 से -5 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है।
  • सावधानी: बिजली चमकने के दौरान पेड़ों के नीचे न रुकें और पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करते समय स्थानीय प्रशासन की गाइडलाइंस का पालन करें।

मार्च का यह अंत उत्तर भारत के लिए मिला-जुला रहने वाला है। एक तरफ जहां पहाड़ों की सैर करने वालों के लिए बर्फबारी खुशखबरी लेकर आई है, वहीं मैदानी इलाकों के निवासियों के लिए यह गर्मी की शुरुआत और बादलों की राहत का संगम है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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