नई दिल्ली/शिमला:

उत्तर भारत के राज्यों में एक बार फिर कुदरत का दोहरा रंग देखने को मिल रहा है। जहां एक तरफ मैदानी इलाकों में तापमान बढ़ने से गर्मी का अहसास होने लगा था, वहीं अब पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) की सक्रियता ने पूरे परिदृश्य को बदल दिया है। आज भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर भारत के कई हिस्सों के लिए 'येलो' और 'ऑरेंज' अलर्ट जारी किया है।

पहाड़ों पर कुदरत का कहर: भारी बर्फबारी के आसार

हिमालयी क्षेत्रों में एक ताजा और शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ दस्तक दे चुका है। इसके प्रभाव से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊपरी इलाकों में आज भारी हिमपात (Snowfall) होने की संभावना है।

रोहतांग दर्रा, मनाली और बद्रीनाथ-केदारनाथ जैसी ऊंची चोटियों पर सुबह से ही बादलों का डेरा है।

निचले इलाकों में मध्यम से तेज बारिश हो सकती है, जिससे तापमान में अचानक गिरावट आएगी और 'शीत लहर' जैसी स्थिति दोबारा बन सकती है।

मैदानी इलाकों में आंधी और बिजली का अलर्ट

पहाड़ों पर हो रही हलचल का सीधा असर पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-NCR और उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों पर पड़ेगा। मौसम विभाग के अनुसार:

  • इन राज्यों के कई जिलों में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी हवाएं और आंधी चल सकती है।
  • दोपहर के बाद गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश (Thunderstorm) होने की संभावना है।
  • विशेष रूप से ओडिशा, छत्तीसगढ़ और विदर्भ जैसे क्षेत्रों में बिजली गिरने (Lightning) की चेतावनी दी गई है, जो फसलों और जान-माल के लिए जोखिम पैदा कर सकती है।

तापमान का गणित: गर्मी और ठंड के बीच जंग

फरवरी के इस आखिरी हफ्ते में तापमान में अजीबोगरीब बदलाव देखा जा रहा है। दिल्ली और आसपास के इलाकों में अधिकतम तापमान 29°C से 31°C के बीच बना हुआ है, जो सामान्य से 3-5 डिग्री अधिक है। हालांकि, आज होने वाली संभावित बारिश के बाद पारा 2 से 3 डिग्री तक लुढ़क सकता है।

IMD की महत्वपूर्ण चेतावनी और सलाह

मौसम विभाग ने किसानों और यात्रियों के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं:

  • किसानों के लिए: ओलावृष्टि (Hailstorm) की संभावना को देखते हुए कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी गई है।
  • यात्रियों के लिए: पहाड़ों पर भूस्खलन (Landslides) और फिसलन की वजह से यात्रा टालने या सावधानी बरतने को कहा गया है।
  • आम जनता: बिजली कड़कने के दौरान पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।

उत्तर भारत में आज का दिन मौसम के लिहाज से काफी उतार-चढ़ाव भरा रहने वाला है। एक ओर जहां पहाड़ों की बर्फबारी पर्यटकों को लुभा रही है, वहीं मैदानी इलाकों में रहने वालों के लिए यह बारिश गर्मी से थोड़ी राहत और सावधानी बरतने का संदेश लेकर आई है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि फरवरी का अंत होते-होते यह बदलाव मार्च की शुरुआत में भीषण गर्मी के संकेत दे रहा है।

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