नई दिल्ली: उत्तर भारत के मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। आज, 19 फरवरी 2026, को हिमालयी क्षेत्रों से लेकर मैदानी राज्यों तक कुदरत के दो अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। जहाँ ऊंचे पहाड़ों पर ताज़ा बर्फबारी (Snowfall) ने पर्यटकों के चेहरे खिला दिए हैं, वहीं दिल्ली, पंजाब और उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में बादलों के डेरे और हल्की बारिश ने तापमान में गिरावट ला दी है।

पहाड़ों का हाल: हिमाचल और उत्तराखंड में बर्फबारी

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) इस समय उत्तर भारत के ऊपर से गुजर रहा है। इसका सबसे ज्यादा असर पहाड़ी राज्यों में देखा जा रहा है:

  • हिमाचल प्रदेश: लाहौल-स्पीति, किन्नौर और कुल्लू के ऊपरी इलाकों में आज सुबह से ही रुक-रुक कर बर्फबारी हो रही है। रोहतांग दर्रा और अटल टनल के आसपास के क्षेत्रों में 2-4 इंच तक ताज़ा बर्फ जमा हो चुकी है। शिमला और मनाली में हल्की बूंदाबांदी और धुंध छाई हुई है।
  • उत्तराखंड: बद्रीनाथ, केदारनाथ और गंगोत्री धाम सहित चमोली और उत्तरकाशी के ऊंचे शिखरों पर बर्फबारी की सूचना है। निचले इलाकों जैसे देहरादून और ऋषिकेश में आसमान में बादल छाए हुए हैं और ठंडी हवाएं चल रही हैं।
  • जम्मू-कश्मीर: गुलमर्ग और सोनमर्ग जैसे पर्यटन स्थलों पर तापमान शून्य से नीचे (Sub-zero) चला गया है, जिससे वहां कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है।


मैदानी इलाकों में बारिश और ठंडी हवाएं

मैदानी राज्यों में पिछले कुछ दिनों से बढ़ रही गर्मी पर आज के मौसम ने लगाम लगा दी है।

  • दिल्ली और एनसीआर: दिल्ली, नोएडा और गुड़गांव में आज सुबह से ही बादलों की आवाजाही जारी है। कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी (Drizzle) की संभावना है। आज का अधिकतम तापमान 24°C से 26°C और न्यूनतम तापमान 12°C से 14°C के बीच रहने का अनुमान है।
  • पंजाब और हरियाणा: अमृतसर, लुधियाना और अंबाला जैसे शहरों में तेज़ हवाओं के साथ हल्की बारिश हो सकती है। इन राज्यों में दिन के तापमान में 3-4 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है।
  • उत्तर प्रदेश: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों जैसे मेरठ, सहारनपुर और बागपत में बादलों का असर ज्यादा है। लखनऊ और कानपुर में भी शाम तक ठंडी हवाएं चलने के आसार हैं, जिससे शाम के समय हल्की सिहरन महसूस होगी।

दृश्यता और यातायात पर असर

आज सुबह उत्तर भारत के कई नेशनल हाईवे पर हल्का कोहरा (Shallow Fog) देखा गया।

दृश्यता (Visibility) सुबह 6 बजे के आसपास 500 से 800 मीटर के बीच रही।

रेलवे और हवाई यातायात पर फिलहाल कोई बड़ा असर नहीं है, लेकिन पहाड़ी रास्तों पर फिसलन और बर्फबारी के कारण वाहनों की आवाजाही धीमी रखने की सलाह दी गई है।

कृषि और किसानों के लिए जानकारी

यह बदलता मौसम रबी की फसलों, विशेषकर गेहूं के लिए मिला-जुला असर डाल सकता है।

  • फायदा: हल्की बारिश और तापमान में गिरावट गेहूं की बालियों के पकने की प्रक्रिया के लिए अनुकूल है, क्योंकि इससे दाने पुष्ट होते हैं।
  • सावधानी: कृषि विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि यदि तेज़ हवाएं चलती हैं, तो सिंचाई रोक दें ताकि फसलें गिरें नहीं।

प्रदूषण और एयर क्वालिटी (AQI)

बारिश और तेज़ हवाओं ने उत्तर भारत के प्रदूषण स्तर में बड़ा सुधार किया है। दिल्ली-एनसीआर का AQI जो कल तक 'खराब' श्रेणी में था, आज सुधरकर 'मध्यम' (Moderate) श्रेणी में आ गया है। ताज़ा हवा के कारण सुबह की सैर करने वालों के लिए आज का दिन काफी अच्छा है।

आने वाले 48 घंटों का पूर्वानुमान

मौसम विभाग के अनुसार, यह पश्चिमी विक्षोभ अगले 24 से 36 घंटों तक सक्रिय रहेगा।

  • 20 फरवरी: मैदानी इलाकों में आसमान साफ होने लगेगा और धूप खिलेगी।
  • 21 फरवरी से: तापमान में एक बार फिर धीरे-धीरे बढ़ोतरी शुरू होगी और गर्मी का अहसास बढ़ेगा।

19 फरवरी 2026 का दिन उत्तर भारत के लिए एक राहत भरा ब्रेक है। पहाड़ों की बर्फबारी और मैदानों की बारिश ने अचानक बढ़ रही गर्मी को कुछ समय के लिए थाम लिया है। हालांकि, यह ठंड का आखिरी दौर हो सकता है, इसके बाद बसंत की विदाई और गर्मियों का आगाज़ तेज़ी से होगा।

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