तपती धूप और ठंडी बौछारें, उत्तर भारत में मौसम का अनूठा और चुनौतीपूर्ण संगम|
आईएमडी के अनुसार पंजाब, हरियाणा, हिमाचल और उत्तराखंड में बारिश के आसार, वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी और हीटवेव की स्थिति बनी रहेगी।

उत्तर भारत के विभिन्न हिस्सों में आज मानसून की सक्रियता और गर्म हवाओं के कारण मौसम में विरोधाभासी स्थिति बनी हुई है।
उत्तर भारत के मौसम में आज एक स्पष्ट विरोधाभास देखने को मिल रहा है, जहां एक ओर पहाड़ी और मैदानी इलाकों के कुछ हिस्सों में झमाझम बारिश की संभावना है, वहीं दूसरी ओर पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रों में चिलचिलाती गर्मी और हीटवेव का दौर जारी रहने का अलर्ट जारी किया गया है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, 26 जून 2026 को उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों में मौसम का यह मिश्रित स्वरूप लोगों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है।
मौसम विभाग की जानकारी के अनुसार, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के क्षेत्रों में मानसूनी हवाएं सक्रिय हैं, जिसके चलते आज इन राज्यों में हल्की से मध्यम स्तर की बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की प्रबल संभावना है। पहाड़ी राज्यों में सक्रिय मौसमी गतिविधियों का सीधा असर निचले इलाकों पर भी देखने को मिल रहा है। इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है, हालांकि तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने सावधानी बरतने की सलाह दी है।
इसके विपरीत, उत्तर प्रदेश का परिदृश्य पूरी तरह से भिन्न है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में आज भी हीटवेव यानी लू की स्थिति बनी रहने का अनुमान है। आईएमडी ने साफ किया है कि इन क्षेत्रों में अभी मानसून के पूर्ण रूप से सक्रिय होने में कुछ समय लग सकता है, जिसके कारण तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज किया जा रहा है। अत्यधिक गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच पूर्वी उत्तर प्रदेश के निवासियों को स्वास्थ्य के प्रति विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।
मौसम की यह दोहरी मार का असर सामान्य जनजीवन पर भी पड़ रहा है। जहां एक ओर बारिश से प्रभावित राज्यों में यातायात और दैनिक गतिविधियों में सावधानी की आवश्यकता है, वहीं हीटवेव से जूझ रहे क्षेत्रों में दोपहर के समय घरों से बाहर न निकलने और पर्याप्त पानी पीने जैसे सुझाव स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा दिए जा रहे हैं। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस मौसमी विसंगति का मुख्य कारण मानसूनी हवाओं की उत्तर भारत में असमान गति है।
आईएमडी निरंतर उपग्रह चित्रों और मौसमी डेटा के माध्यम से इस स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी तरह के बड़े बदलाव की सूचना समय पर दी जा सके। प्रशासनिक तंत्र को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति का सामना किया जा सके। मौसम का यह दोहरा मिजाज स्पष्ट करता है कि आगामी दिनों में उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों में मौसम के अलग-अलग रूप देखने को मिल सकते हैं, जब तक कि मानसून पूरे क्षेत्र को अपनी जद में न ले ले।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
