उत्तर भारत में मानसून के जाने से पहले आखिरी दौर का कहर, इन राज्यों में लगातार बरस रही मानसूनी आफत|
उत्तर भारत के कई राज्यों में बारिश और गरज-चमक का दौर जारी है, जिसे देखते हुए मौसम विभाग ने दिल्ली, यूपी और पहाड़ी राज्यों में अलर्ट जारी किया है।

बारिश के बीच पहाड़ी और मैदानी इलाकों में लोगों की आवाजाही उत्तर भारत में मौसम की सक्रियता के संदर्भ में दिखाई दे रही है।
उत्तर भारत के कई राज्यों में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल गया है, जिससे मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ी क्षेत्रों तक मानसूनी हलचल तेज हो गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग यानी आईएमडी के ताजा आंकड़ों के अनुसार, उत्तर भारत के तमाम हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की स्थिति लगातार बनी हुई है। इस मौसमी बदलाव के दायरे में दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान के साथ-साथ पहाड़ी राज्य जैसे हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्से भी शामिल हैं, जहां मौसम पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है।
विस्तृत जानकारी के मुताबिक, उत्तराखंड में भारी बारिश की प्रबल संभावना जताई गई है, जिसे देखते हुए पहाड़ी क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। लगातार हो रही बारिश के कारण पर्वतीय अंचलों में जनजीवन प्रभावित होने के साथ-साथ रास्तों पर भी एहतियात बरती जा रही है। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि उत्तर-पश्चिम भारत के विभिन्न हिस्सों में बारिश का यह दौर अभी कुछ और दिनों तक यूं ही जारी रहेगा, जिससे तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा रही है और लोगों को उमस भरे माहौल से राहत मिल रही है।
इस बीच, दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी को लेकर भी मौसम विभाग ने अहम संकेत दिए हैं। आईएमडी के पूर्वानुमान के अनुसार, 19 सितंबर के आसपास पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की शुरुआत हो सकती है। हालांकि, मानसून की इस विदाई से पहले उत्तर-भारत के मैदानी और पर्वतीय इलाकों में बादलों की आवाजाही और छिटपुट से लेकर भारी बारिश का दौर बना रहेगा। मौसम विभाग लगातार इन तमाम गतिविधियों पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए है और संबंधित राज्यों के लिए समय-समय पर जरूरी चेतावनियां और अपडेट जारी कर रहा है।
इस समग्र मौसमी परिदृश्य का सीधा असर उत्तर भारत की कृषि, यातायात और आम जनजीवन पर पड़ रहा है। लगातार हो रही बारिश से जहां एक ओर जलस्रोतों को फायदा पहुंच रहा है, वहीं दूसरी ओर पहाड़ी इलाकों में अतिरिक्त सतर्कता की आवश्यकता पर जोर दिया गया है। आगामी दिनों में मौसम के रुख को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और आम नागरिकों को पूरी तरह सतर्क रहने की सलाह दी गई है, ताकि इस मानसूनी बदलाव के बीच किसी भी प्रकार की असुविधा या खतरे से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
