उत्तर भारत में मौसम का मिजाज बदला: यूपी, उत्तराखंड और बिहार में बारिश और आंधी का अलर्ट|
उत्तर भारत के कई राज्यों में बारिश और आंधी का अलर्ट जारी। उत्तराखंड में भारी बारिश की संभावना, जबकि बिहार में गरज-चमक के साथ स्क्वॉल की चेतावनी।

उत्तर भारत में खराब मौसम और तेज हवाओं के बीच सड़क किनारे झुकते हुए पेड़|
उत्तर भारत में मौसम का मिजाज एक बार फिर पूरी तरह से बदल गया है, जहां भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार और हिमाचल प्रदेश समेत कई राज्यों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है। मानसूनी गतिविधियों के इस दौर में उत्तर पश्चिमी और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में बादलों की आवाजाही और तेज हवाओं के चलने का सिलसिला शुरू हो गया है, जिससे लोगों को उमस भरे मौसम से राहत मिलने की पूरी संभावना है।
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, 28 सितंबर को उत्तराखंड में भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है, जिसे देखते हुए पर्वतीय क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। लगातार हो रही बारिश के कारण भूस्खलन और पहाड़ी रास्तों पर यातायात प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है, जिसके चलते स्थानीय प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद नजर आ रहा है। उधर, उत्तर प्रदेश में एक कमजोर होती मौसम प्रणाली के बावजूद बारिश का दौर लगातार जारी रहने का अनुमान है, जिससे राज्य के विभिन्न जिलों में छिटपुट बौछारें और ठंडी हवाएं चल सकती हैं।
बिहार के लिए विशेष चेतावनी जारी करते हुए IMD ने बताया कि 28 सितंबर को राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ-साथ 'स्कॉल' (अचानक तेज आंधी-तूफान जैसी स्थिति) आने की पूरी आशंका है। इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे आम जनजीवन और उड़ानों या यातायात पर आंशिक असर पड़ सकता है। मौसम वैज्ञानिकों ने लोगों को खराब मौसम के दौरान पेड़ों के नीचे या कमजोर ढांचों के पास शरण लेने से बचने की सलाह दी है।
इस व्यापक मौसमी बदलाव से कृषि क्षेत्रों को एक तरफ जहां फायदा पहुंच सकता है, वहीं दूसरी तरफ शहरी इलाकों में जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए नगर निगम और आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट पर रखा गया है। उत्तर भारत के इन प्रमुख राज्यों में मौसम विभाग की लगातार नजर बनी हुई है और हर घंटे नए अपडेट्स जारी किए जा रहे हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
