उत्तर भारत के आसमान पर एक बार फिर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। मौसम विज्ञान विभाग ने एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के चलते हिमालयी क्षेत्रों से लेकर मैदानी इलाकों तक मौसम में बड़े बदलाव की चेतावनी जारी की है। इस बदलाव का असर न केवल तापमान पर पड़ेगा, बल्कि जनजीवन की रफ्तार पर भी ब्रेक लग सकता है।

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों में गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। ऊंचे शिखर वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी भी देखी जा सकती है। वहीं, मैदानी राज्यों जैसे पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में धूल भरी तेज आंधी चलने का अनुमान है। राजस्थान के कुछ जिलों में आंधी की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक हो सकती है, जिससे यातायात और कृषि कार्यों में बाधा आने की आशंका है।

मौसम विभाग के अनुसार, यह मौसमी बदलाव एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ के कारण हो रहा है जो उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर रहा है। इसके प्रभाव से दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में चिलचिलाती गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। हालांकि, आंधी और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

सरकारी तंत्र और आपदा प्रबंधन विभाग ने विशेष रूप से किसानों को अपनी कटी हुई फसल सुरक्षित स्थानों पर रखने का निर्देश दिया है। खुले स्थानों पर रहने वाले लोगों और पर्यटकों को ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में जाने से बचने की हिदायत दी गई है। यह मौसमी घटना अगले 48 घंटों तक सक्रिय रहने की उम्मीद है, जिसके बाद धीरे-धीरे आसमान साफ होने लगेगा।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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