उत्तर भारत में कुदरत के तेवर: दिल्ली-यूपी समेत कई राज्यों में बारिश और ओलों का 'येलो अलर्ट', स्वेटर फिर से निकालने की नौबत!
उत्तर भारत में मौसम ने ली करवट। 20 मार्च 2026 को दिल्ली, यूपी, बिहार और उत्तराखंड में बारिश, आंधी और ओलावृष्टि का अलर्ट। जानें आपके शहर का हाल।

Nature's wrath in North India
उत्तर भारत में आंधी-बारिश का दौर जारी: कई राज्यों में ओलावृष्टि और कड़ाके की ठंड की संभावना
नई दिल्ली | 20 मार्च, 2026
उत्तर भारत में एक बार फिर मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज यानि 20 मार्च 2026 के लिए एक ताजा बुलेटिन जारी करते हुए उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के कई हिस्सों में तेज बारिश, बिजली कड़कने और ओलावृष्टि की चेतावनी दी है। एक शक्तिशाली वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के सक्रिय होने के कारण मार्च के महीने में लोगों को मई वाली गर्मी के बजाय जनवरी जैसी ठंडक का अहसास हो रहा है।
दिल्ली-NCR में 'येलो अलर्ट' और तापमान में गिरावट
राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों (नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद) में आज आसमान में घने बादल छाए रहेंगे। मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में दिन भर रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। अधिकतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जो सामान्य से 4-6 डिग्री नीचे गिरकर 24°C से 26°C के बीच रहने का अनुमान है। सुबह और शाम के समय हल्की ठिठुरन महसूस की जा सकती है।
उत्तर प्रदेश और बिहार: ओलावृष्टि की चेतावनी
उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों में मौसम विभाग ने ओलावृष्टि (Hailstorm) का अलर्ट जारी किया है। विशेष रूप से मेरठ, सहारनपुर, लखनऊ और कानपुर जैसे जिलों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की उम्मीद है। वहीं बिहार में भी मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ रहेगा। बिहार के उत्तरी हिस्सों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने से फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर रखें।
पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी का दौर
उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के ऊंचे पहाड़ी इलाकों में ताजा बर्फबारी (Snowfall) दर्ज की गई है। उत्तराखंड के बद्रीनाथ, केदारनाथ और गंगोत्री जैसे क्षेत्रों में भारी बर्फबारी के कारण तापमान शून्य के करीब पहुंच गया है। निचले इलाकों में मूसलाधार बारिश और थंडरस्क्वाल (Thunder squall) यानी अचानक आने वाले तूफान की चेतावनी दी गई है, जिसकी गति 60-70 किमी प्रति घंटा तक हो सकती है। सैलानियों को फिलहाल पहाड़ों की यात्रा करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
पंजाब और हरियाणा का हाल
खेती-किसानी के लिहाज से महत्वपूर्ण इन राज्यों में भी मौसम अस्थिर बना हुआ है। पंजाब और हरियाणा के कई जिलों में रात से ही बादल छाए हुए हैं। यहाँ कुछ स्थानों पर ओले गिरने की खबर है, जिससे गेहूं की फसल को लेकर किसान चिंतित हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह स्थिति अगले 24 से 48 घंटों तक बनी रह सकती है, जिसके बाद धीरे-धीरे आसमान साफ होगा।
सावधानी और बचाव के उपाय
IMD ने खराब मौसम को देखते हुए आम जनता के लिए कुछ जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
- बिजली कड़कने के दौरान: पेड़ों के नीचे शरण न लें और बिजली के खंभों से दूर रहें।
- वाहन चलाते समय: तेज हवाओं और कम दृश्यता (Visibility) के कारण वाहनों की गति धीमी रखें।
- किसानों के लिए: कटी हुई फसलों और मंडियों में रखे अनाज को तिरपाल से ढक कर रखें।
मार्च के मध्य में आया यह बदलाव जलवायु परिवर्तन और मजबूत वेस्टर्न डिस्टरबेंस का नतीजा है। जहां एक ओर दिल्लीवासियों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर अचानक हुई इस बारिश और ओलावृष्टि ने कृषि क्षेत्र के लिए चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। अगले दो दिनों तक उत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में मौसम ठंडा और आर्द्र बना रहेगा।

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