दक्षिण भारत के राज्यों में एक बार फिर मौसम करवट ले रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज केरल और तमिलनाडु सहित दक्षिण भारत के तटीय इलाकों के लिए भारी बारिश और गरज-चमक की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों में बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाओं के कारण इन राज्यों में स्थिति चुनौतीपूर्ण हो सकती है।

केरल और तमिलनाडु में मौसम का हाल

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, 23 फरवरी की सुबह से ही बादलों की आवाजाही शुरू हो जाएगी। केरल के कई जिलों और तमिलनाडु के दक्षिणी हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में यह 'भारी बारिश' में तब्दील हो सकती है।

1. तमिलनाडु: कन्याकुमारी, तिरुनेलवेली और थूथुकुडी जैसे जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने का अनुमान है। यहाँ के तटीय इलाकों में समुद्र की लहरों में भी उछाल देखा जा सकता है।

2. केरल: कोट्टायम, इडुक्की और पथानामथिट्टा जैसे पहाड़ी और तटीय क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की भी चेतावनी दी गई है।


गरज-चमक और बिजली का खतरा

मौसम विभाग ने केवल बारिश ही नहीं, बल्कि गरज-चमक (Thunderstorms) के प्रति भी सचेत किया है। विभाग का कहना है कि बादलों के घर्षण के कारण बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। स्थानीय निवासियों को सलाह दी गई है कि खराब मौसम के दौरान वे बिजली के खंभों, ऊंचे पेड़ों और खुले मैदानों से दूर रहें।

मछुआरों के लिए विशेष चेतावनी

समुद्र की स्थिति खराब रहने की आशंका को देखते हुए मछुआरों को आज गहरे समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुँच सकती है, जो छोटी नावों के लिए खतरनाक साबित हो सकती है।


आज 23 फरवरी दक्षिण भारत के मौसम का प्रमुख डेटा-


राज्य

प्रभावित क्षेत्र

मौसम की स्थिति

अलर्ट का स्तर

केरल

दक्षिणी और मध्य जिले

भारी बारिश, बिजली गिरना

येलो अलर्ट

तमिलनाडु

दक्षिणी तटीय इलाके

गरज-चमक और मध्यम बारिश

येलो अलर्ट

पुडुचेरी

तटीय क्षेत्र

हल्की बारिश, तेज हवाएं

सामान्य नजर

आंध्र प्रदेश

दक्षिणी तट

आंशिक बादल, हल्की बूंदाबांदी

कोई अलर्ट नहीं

आम जनता के लिए सुरक्षा निर्देश

खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने कुछ जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं:

• यात्रा में सावधानी: यदि आप केरल या तमिलनाडु के पहाड़ी इलाकों (जैसे मुन्नार या कोडाइकनाल) की यात्रा कर रहे हैं, तो भूस्खलन की संभावना को देखते हुए सावधानी बरतें।

• जलभराव: शहरी इलाकों में जलभराव के कारण ट्रैफिक जाम की स्थिति बन सकती है, अतः निकलने से पहले रूट की जाँच कर लें।

• स्वास्थ्य का ध्यान: अचानक बारिश और नमी से संक्रमण का खतरा बढ़ता है, इसलिए खान-पान और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें।


कब मिलेगी राहत?

मौसम विभाग के विश्लेषण के अनुसार, यह मौसमी बदलाव एक स्थानीय कम दबाव का क्षेत्र बनने के कारण हो रहा है। उम्मीद है कि 24 फरवरी की शाम से मौसम में सुधार होना शुरू होगा और बारिश की तीव्रता कम हो जाएगी। हालांकि, तब तक केरल और तमिलनाडु के निवासियों को सतर्क रहने और सरकारी चेतावनियों का पालन करने की आवश्यकता है।

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