क्यों अटक गया मानसून? जानिए 41% कम बारिश के पीछे की असली वजह और लेटेस्ट अपडेट|
दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार धीमी होने से कई राज्यों में बारिश में कमी, मौसम विभाग ने जारी किया आगमन का नया पूर्वानुमान।

तेज हवाओं और बारिश के बीच सड़क पर चलते वाहन, देश के विभिन्न हिस्सों में मानसून की सुस्त रफ्तार के कारण बारिश के इंतजार में लोग।
मानसून की सुस्त चाल ने देशभर में बारिश के आंकड़ों को काफी प्रभावित किया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, मानसून के आगमन के शुरुआती 20 दिनों में सामान्य से 41 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 4 जून को केरल में प्रवेश किया था, जिसके बाद इसकी प्रगति की गति उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। मौसम विभाग का मानना है कि इस अवधि के दौरान देशभर में कुल 92.8 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन वास्तव में केवल 54.4 मिलीमीटर वर्षा ही रिकॉर्ड की गई है।
मानसून के इस धीमे विस्तार का असर देश के विभिन्न हिस्सों में साफ देखा जा सकता है। विशेष रूप से महाराष्ट्र के कई क्षेत्रों में मानसून अभी तक नहीं पहुंचा है और कोंकण तथा मध्य महाराष्ट्र जैसे स्थानों पर इसकी स्थिति लंबे समय से स्थिर बनी हुई है। मानसून की यह सुस्ती न केवल आम जनजीवन बल्कि कृषि क्षेत्र के लिए भी चिंता का विषय बनी हुई है। कई राज्यों में बारिश में भारी कमी देखी गई है। असम और मेघालय में 55 प्रतिशत, झारखंड में 68 फीसदी, पूर्वी मध्य प्रदेश में 64 फीसदी और गुजरात में 55 फीसदी कम बारिश हुई है। इसके अलावा सौराष्ट्र और कच्छ में 91 फीसदी, कोंकण और गोवा में 55 फीसदी, मध्य महाराष्ट्र में 52 फीसदी, मराठवाड़ा में 69 फीसदी, विदर्भ में 79 फीसदी, छत्तीसगढ़ में 64 फीसदी और तटीय कर्नाटक में 51 फीसदी की कमी दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, मानसून की स्थिति में सुधार की संभावना जताई जा रही है। उम्मीद है कि 23 जून के आसपास मानसून फिर से सक्रिय होगा और महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार तथा छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ेगा। मुंबई में रविवार सुबह हुई हल्की बारिश को मानसून की सक्रियता की एक बानगी माना जा रहा है। अलग-अलग राज्यों के लिए मानसून के आगमन की अनुमानित समयसीमा भी निर्धारित की गई है। दिल्ली में मानसून जुलाई के पहले सप्ताह तक दस्तक दे सकता है। उत्तर प्रदेश में इसके 25 से 30 जून के बीच पहुंचने के आसार हैं, जबकि बिहार और झारखंड में 23 जून के बाद मानसून की प्रक्रिया तेज होने का अनुमान है। मध्य प्रदेश में 25 जून तक मानसून पहुंचने की संभावना है। राजस्थान में 22 जून के बाद और छत्तीसगढ़ में 23 जून के आसपास मानसून के प्रवेश करने का पूर्वानुमान लगाया गया है। महाराष्ट्र के दक्षिणी हिस्सों से आगे बढ़कर मुंबई तक इसके जून के अंत तक पहुंचने की उम्मीद जताई गई है। वर्तमान में मानसून की यह धीमी गति मौसम विशेषज्ञों के लिए अध्ययन का विषय बनी हुई है।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
