Monsoon arrival in Kerala IMD : देशभर में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी, चिलचिलाती धूप और उमस के जानलेवा प्रकोप से जूझ रहे करोड़ों नागरिकों के लिए आखिरकार प्रकृति ने राहत की सबसे बड़ी और बहुप्रतीक्षित खुशखबरी भेज दी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने गुरुवार को आधिकारिक तौर पर यह घोषणा कर दी है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून ने देश के दक्षिणी राज्य केरल में अपनी धमाकेदार और तय समय पर दस्तक दे दी है। इस घोषणा के साथ ही देश की कृषि, अर्थव्यवस्था और आम जनजीवन को सींचने वाले सबसे महत्वपूर्ण चार महीनों के बारिश के मौसम का शंखनाद हो चुका है। केरल तट पर मानसून के टकराते ही अब देश भर की नजरें विशेष रूप से उत्तर प्रदेश, बिहार और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली पर टिक गई हैं, जहां लोग लंबे समय से लू के थपेड़ों और भीषण तापमान से तड़प रहे हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसूनी हवाओं की रफ्तार बेहद अनुकूल है और यह तेजी से उत्तर भारत की तरफ अग्रसर हो रही है।

इस मानसूनी यात्रा के भौगोलिक फैलाव और विभिन्न राज्यों में इसकी एंट्री के तय टाइमटेबल को देखें तो सबसे पहले पूर्वी भारत को राहत मिलने वाली है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, बिहार में मानसून आगामी 12 से 15 जून के बीच किसी भी समय दस्तक दे सकता है, हालांकि बंगाल की खाड़ी से उठने वाली हवाओं की गति के कारण राज्य के कुछ सीमावर्ती इलाकों में इसकी एंट्री निर्धारित तिथि से पहले भी दर्ज की जा सकती है। बिहार की सीमा में प्रवेश करने के बाद इस मानसूनी तंत्र को पूरे राज्य में सक्रिय होने और सुदूर हिस्सों तक फैलने में लगभग दो से तीन दिनों का समय लगेगा, जिसके बाद समूचे बिहार में झमाझम और व्यापक बारिश का दौर शुरू हो जाएगा।

बिहार को सराबोर करने के बाद यह मानसूनी सिस्टम देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश का रुख करेगा, जहां चरणबद्ध तरीके से बारिश की गतिविधियां आगे बढ़ेंगी। आईएमडी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में मानसून हमेशा की तरह सबसे पहले पूर्वी हिस्सों से प्रवेश करेगा, जिसके तहत वाराणसी और बलिया जैसे पूर्वी यूपी के जिलों में 15 से 20 जून के बीच मानसून की पहली बारिश होने की प्रबल संभावना है। इसके बाद यह तंत्र आगे बढ़ते हुए 20 से 25 जून के बीच पश्चिमी उत्तर प्रदेश के इलाकों को अपनी आगोश में ले लेगा, जिससे प्रदेशवासियों को जानलेवा लू और झुलसाने वाली गर्मी से पूरी तरह निजात मिल जाएगी। देश की राजधानी दिल्ली और एनसीआर के क्षेत्रों में हालांकि मुख्य मानसून पहुंचने में अभी थोड़ा वक्त लगेगा, लेकिन मौसम का मिजाज अभी से करवट लेने लगा है। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि दिल्ली में फिलहाल प्री-मानसून गतिविधियां शुरू हो चुकी हैं, जिसके प्रभाव से आने वाले दिनों में धूलभरी तेज आंधी, गरज-चमक के साथ हल्की बौछारें पड़ने और तापमान में गिरावट आने का सिलसिला शुरू हो जाएगा।

इस मानसूनी दस्तक का दूसरा पहलू केरल में बने गंभीर हालात भी हैं, जहां एंट्री लेते ही मानसून ने अपना विकराल रूप दिखाना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग ने केरल के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश के मद्देनजर 4 जून से 9 जून तक भारी से अत्यंत भारी बारिश की सख्त चेतावनी जारी की है, जिसके तहत कुछ क्षेत्रों में 7 से 20 सेंटीमीटर तक पानी बरसने का अनुमान है। इस स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, पथानामथिट्टा, अलाप्पुझा, कोट्टायम, इडुक्की, एर्नाकुलम और त्रिशूर सहित कई संवेदनशील जिलों में 'ऑरेंज अलर्ट' जारी कर दिया गया है ताकि निचले इलाकों में जलभराव और जनजीवन प्रभावित होने की स्थिति से निपटा जा सके। इसके अलावा अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में बने मजबूत दबाव के कारण आने वाले दिनों में महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर के राज्यों में भी बारिश का दायरा बहुत तेजी से बढ़ेगा, जिससे देश के एक बड़े हिस्से में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज आंधी और आकाशीय बिजली चमकने का कड़ा अलर्ट लागू किया गया है।

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Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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