दो हफ्ते की सुस्ती के बाद मानसून का जोरदार वार ; महाराष्ट्र में 26 जून तक भारी बारिश का अलर्ट
महाराष्ट्र में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने फिर रफ्तार पकड़ ली है। आईएमडी ने कोंकण, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 26 जून तक भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। मुंबई में ऑरेंज अलर्ट लागू है, जबकि मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी दी गई है।

महाराष्ट्र में मानसून दोबारा सक्रिय
महाराष्ट्र में मानसून एक बार फिर पूरी ताकत के साथ सक्रिय होता नजर आ रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने घोषणा की है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून ने दो सप्ताह की सुस्ती के बाद दोबारा गति पकड़ ली है और राज्य के कई नए हिस्सों में आगे बढ़ चुका है। मौसम विभाग के अनुसार अनुकूल वायुमंडलीय परिस्थितियों के चलते अगले 48 घंटों के भीतर मानसून का प्रभाव और अधिक क्षेत्रों तक फैलने की संभावना है, जिसमें मुंबई भी शामिल है।
आईएमडी के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 26 जून तक कोंकण, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा के विभिन्न इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश, तेज हवाएं और कुछ स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज की जा सकती है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इस दौरान कई क्षेत्रों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हो सकता है और प्रशासन को सतर्क रहने की आवश्यकता होगी।
कोंकण क्षेत्र में 22 से 26 जून के बीच अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। समुद्र तटीय जिलों में तेज बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं, जिससे जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इसके अलावा समुद्र में ऊंची लहरें और प्रतिकूल मौसम की स्थिति भी देखने को मिल सकती है, जिससे तटीय गतिविधियों पर असर पड़ने की आशंका है।
मध्य महाराष्ट्र में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आएगा। यहां गरज-चमक के साथ आंधी, बिजली गिरने की घटनाएं और मध्यम से भारी बारिश होने का अनुमान है। पश्चिमी महाराष्ट्र के कई जिलों में स्थानीय स्तर पर बाढ़ जैसी स्थिति, सड़क यातायात में बाधा और दैनिक गतिविधियों पर असर पड़ सकता है।
वहीं मराठवाड़ा क्षेत्र में 22 से 24 जून के बीच गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग का कहना है कि वर्षा की गतिविधियां भले ही बिखरी हुई रहें, लेकिन तूफानी मौसम के दौरान कुछ क्षेत्रों में इनकी तीव्रता अचानक बढ़ सकती है।
मुंबई के लिए भी मौसम विभाग ने विशेष चेतावनी जारी की है। मानसून के जल्द ही शहर में और आगे बढ़ने की संभावना जताई गई है। आईएमडी के पूर्वानुमान को देखते हुए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। शहर के अलग-अलग हिस्सों में गरज-चमक, बिजली गिरने की आशंका, मध्यम से तीव्र बारिश और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। मुंबई के कई इलाकों, विशेष रूप से बांद्रा पूर्व में, हाल के दिनों में प्री-मानसून बारिश, बिजली चमकने, जलभराव और ट्रैफिक जाम की स्थिति देखी जा चुकी है।
समुद्र में जाने वाले मछुआरों के लिए भी मौसम विभाग ने अहम चेतावनी जारी की है। दक्षिण महाराष्ट्र-गोवा तट के आसपास 22 से 26 जून तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है। इस दौरान समुद्र में प्रतिकूल परिस्थितियां बनी रह सकती हैं। हवाओं की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि झोंकों के साथ यह 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक भी जा सकती है। इसके कारण समुद्र बेहद उग्र और जोखिमपूर्ण रहने की संभावना है।
आईएमडी ने संभावित प्रभावों को लेकर भी चेताया है। निचले इलाकों में स्थानीय स्तर पर बाढ़, शहरी क्षेत्रों में जलभराव, संवेदनशील क्षेत्रों में फ्लैश फ्लड, सड़क, रेल, हवाई और फेरी सेवाओं में व्यवधान जैसी स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। इसके साथ ही खड़ी फसलों और बागवानी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका भी जताई गई है। तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को समुद्री परिस्थितियों को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
विशेषज्ञों के अनुसार जून के शुरुआती दिनों में मानसून की प्रगति धीमी पड़ गई थी, जिससे महाराष्ट्र के कई हिस्सों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई। अब अरब सागर से आने वाली मजबूत पश्चिमी हवाओं और अनुकूल मौसमी परिस्थितियों के कारण मानसून ने दोबारा रफ्तार पकड़ ली है। यही वजह है कि राज्य के अधिकांश हिस्सों में व्यापक वर्षा गतिविधियां देखने को मिल रही हैं।
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे गरज-चमक के दौरान पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें, जलभराव वाले क्षेत्रों और नदियों-तालाबों के आसपास सावधानी बरतें तथा स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी मौसम संबंधी निर्देशों का पालन करें। तेज हवाओं को देखते हुए खुले में रखी वस्तुओं को सुरक्षित रखने की भी सलाह दी गई है।
महाराष्ट्र के लिए यह बारिश का दौर बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि जून के अधिकांश समय में राज्य के कई क्षेत्रों में मानसून कमजोर रहा था। ऐसे में आगामी दिनों में होने वाली वर्षा न केवल जल संसाधनों को मजबूती देगी बल्कि कृषि गतिविधियों को भी गति प्रदान करेगी। मानसून की यह वापसी राज्य के किसानों, जलाशयों और समग्र अर्थव्यवस्था के लिए राहत लेकर आ सकती है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
