सोने की कीमतों में 'महा-उछाल': पहली बार ₹1.46 लाख के पार, क्या रुकेंगे दाम या छुएंगे नया आसमान?
भारतीय सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों ने तोड़े सारे रिकॉर्ड। 24 कैरेट सोना ₹1,46,000 के पार पहुँचा। जानिए दिल्ली और मुंबई में आज का ताजा भाव और विशेषज्ञों की राय।

'Maha-jump' in gold prices
नई दिल्ली/मुंबई:
भारतीय सर्राफा बाजार में आज एक ऐसी हलचल देखी गई जिसने निवेशकों और आम खरीदारों, दोनों को हैरान कर दिया है। सोने की कीमतों में आई जबरदस्त तेजी के कारण आज 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,46,000 प्रति 10 ग्राम के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया है। यह उछाल पिछले कुछ समय की सबसे बड़ी बढ़त मानी जा रही है।
महानगरों का हाल: दिल्ली में रिकॉर्ड स्तर पर भाव
देश की राजधानी दिल्ली और आर्थिक राजधानी मुंबई में सोने की चमक आज सबसे तेज रही। दिल्ली के सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोने का भाव लगभग ₹1,46,820 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। वहीं, जो लोग गहने बनाने के लिए 22 कैरेट सोने को प्राथमिकता देते हैं, उनके लिए भी कीमतें काफी बढ़ी हुई रहीं। बाजार में 22 कैरेट सोने का भाव ₹1,34,600 प्रति 10 ग्राम के आसपास बना हुआ है।
आखिर क्यों बढ़ रहे हैं सोने के दाम?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस अचानक आई तेजी के पीछे कई वैश्विक और तकनीकी कारण जिम्मेदार हैं। मुख्य रूप से निम्नलिखित कारकों ने कीमतों को सहारा दिया है:
- तकनीकी सुधार (Technical Rebound): अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पिछले कुछ गिरावटों के बाद अब तकनीकी रूप से सुधार देखा जा रहा है। जब कीमतें एक निचले स्तर को छूकर वापस लौटती हैं, तो उसे तकनीकी रिबाउंड कहा जाता है, जिससे घरेलू बाजार में भी भाव बढ़ जाते हैं।
- निवेशकों का भरोसा: भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions) में मामूली राहत की खबरें जरूर आई हैं, लेकिन वैश्विक अर्थव्यवस्था में छाई अनिश्चितता के बीच निवेशक सुरक्षित निवेश की तलाश में हैं। सोना हमेशा से निवेश का सबसे सुरक्षित विकल्प माना गया है, इसलिए निवेशकों द्वारा की जा रही भारी खरीदारी ने इसकी मांग और कीमत दोनों को बढ़ा दिया है।
- डॉलर की स्थिति: वैश्विक बाजार में डॉलर की स्थिति में होने वाले बदलावों का सीधा असर सोने पर पड़ता है। आज अंतरराष्ट्रीय मार्केट में सोने की मांग बढ़ने से भारतीय रुपया और घरेलू बाजार भी प्रभावित दिखे।
बाजार की वर्तमान स्थिति और मांग
सोने की कीमतों में इस भारी उछाल का असर केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के अन्य हिस्सों में भी कीमतों में 2% से 4% तक की बढ़त देखी गई है। ज्वेलर्स का कहना है कि शादियों के सीजन और निवेश के बढ़ते रुझान के कारण ऊँची कीमतों के बावजूद मांग में बहुत बड़ी गिरावट नहीं आई है, हालांकि आम मध्यमवर्गीय खरीदार अब थोड़ी सावधानी बरत रहा है।
चांदी की कीमतों में भी इसी तरह का सकारात्मक रुझान देखा जा रहा है, जो औद्योगिक मांग के कारण बढ़ रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यही स्थिति बनी रही, तो आने वाले दिनों में कीमतें और भी नए रिकॉर्ड बना सकती हैं।
विशेषज्ञों की राय
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि सोने में निवेश करने वालों को फिलहाल बाजार की चाल पर पैनी नजर रखनी चाहिए। जहाँ एक तरफ कीमतें आसमान छू रही हैं, वहीं दूसरी तरफ बाजार में अस्थिरता भी बनी हुई है। लंबे समय के निवेश के लिए सोना हमेशा एक बेहतर विकल्प रहा है, लेकिन मौजूदा उच्च स्तर पर खरीदारी करने से पहले बाजार के विशेषज्ञों की सलाह लेना जरूरी है।
डिस्क्लेमर: यह खबर केवल सामान्य जानकारी के लिए है, इसे वित्तीय सलाह न माना जाए। बाजार के उतार-चढ़ाव और जोखिमों को देखते हुए निवेश का कोई भी निर्णय अपने सर्टिफाइड एक्सपर्ट या वित्तीय सलाहकार की सलाह पर ही लें।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
