दक्षिण भारत में मानसून की 'धमाकेदार' एंट्री,केरल-तमिलनाडु में 'रेड अलर्ट', आसमान से बरसेगी आफत या राहत?
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी बारिश और गरज-चमक के साथ प्री-मानसून गतिविधियों का अलर्ट जारी किया है।

तमिलनाडु के तटीय क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण सड़कों पर जमा पानी और छतरी लेकर चलते लोग।
दक्षिण भारत के कई राज्यों में मानसून की आहट के साथ ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने केरल और तमिलनाडु में भारी से अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए रेड और ऑरेंज अलर्ट घोषित किया है। समुद्र के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बनने और पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण प्री-मानसून गतिविधियों ने जोर पकड़ लिया है। केरल के तटीय जिलों में सुबह से ही मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी है, जिससे सामान्य जनजीवन की रफ्तार धीमी पड़ गई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले अड़तालीस घंटों के दौरान दक्षिण भारतीय प्रायद्वीप के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और भारी जलभराव की स्थिति उत्पन्न होने की प्रबल संभावना है।
केरल के साथ-साथ तमिलनाडु के दक्षिणी जिलों और कर्नाटक के आंतरिक क्षेत्रों में भी भारी बारिश ने दस्तक दे दी है। चेन्नई और तिरुवनंतपुरम जैसे महानगरों में जलभराव की स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने राहत और बचाव दल को अलर्ट मोड पर रखा है। मछुआरों को समुद्र की लहरों में उठते उफान के कारण गहरे पानी में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है। आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में भी आसमान में बादलों का डेरा जमा हुआ है और शाम तक गरज के साथ छींटे पड़ने का अनुमान है। यह बारिश जहां एक ओर भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों के लिए राहत बनकर आई है, वहीं दूसरी ओर फसलों की कटाई कर रहे किसानों के लिए चिंता का विषय भी बन गई है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, मौसम विभाग ने विभिन्न राज्य सरकारों को संभावित बाढ़ और भूस्खलन के प्रति सचेत रहने के निर्देश जारी किए हैं। विशेषकर केरल के पहाड़ी इलाकों में मिट्टी धंसने की घटनाओं को लेकर जिला कलेक्टरों को विशेष निगरानी रखने को कहा गया है। आपदा प्रबंधन विभाग (NDRF) की टीमों को संवेदनशील क्षेत्रों के निकट तैनात किया गया है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके। बिजली विभाग ने भी तेज हवाओं के कारण बुनियादी ढांचे को होने वाले नुकसान की आशंका जताते हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। दक्षिण भारत में यह प्री-मानसून सक्रियता इस वर्ष मानसून के समय पर आगमन के सकारात्मक संकेत दे रही है।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
