मूसलाधार बारिश से थमा दक्षिण भारत, केरल-कर्नाटक में सतर्कता का अलर्ट|, सड़कों पर उमड़ा पानी|
तटीय और पहाड़ी जिलों में भूस्खलन की आशंका के बीच प्रशासन ने संवेदनशील मार्गों पर यातायात नियंत्रित किया

दक्षिण भारत में सक्रिय मानसून के दौरान सड़क पर भारी बारिश के बीच वाहन चलाते लोग|
दक्षिण भारत में मानसून एक बार फिर पूरी तरह से सक्रिय हो गया है, जिसके चलते केरल, कर्नाटक और आसपास के तटीय तथा पहाड़ी जिलों में मूसलाधार बारिश का दौर लगातार जारी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, दक्षिणी प्रायद्वीप के ऊपर बादलों का घना डेरा बना हुआ है और आने वाले कुछ दिनों तक गरज-चमक के साथ भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। इस दौरान तेज हवाएं चलने और आसमान में बिजली कड़कने की भी आशंका जताई गई है, जिससे जनजीवन पर सीधा असर पड़ रहा है।
भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और लोगों से अत्यधिक आवश्यकता होने पर ही घरों से बाहर निकलने की अपील की गई है। लगातार हो रही वर्षा के कारण विशेष रूप से पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन (Landslide) का गंभीर खतरा मंडरा रहा है, जिसके चलते संवेदनशील मार्गों पर यातायात को नियंत्रित किया जा रहा है। वायनाड और तटीय कर्नाटक के कई हिस्सों में सुरक्षा के मद्देनजर विशेष एहतियात बरती जा रही है। इसके साथ ही, मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में न जाने और किसानों को अपने खेतों में जरूरी एहतियाती कदम उठाने की सलाह दी है।
शहरी क्षेत्रों में भी इस मानसूनी बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिससे सड़कों पर यातायात धीमा हो गया है और लोगों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विज्ञानियों का मानना है कि दक्षिण भारत में मानसूनी गतिविधियों का यह दौर अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों तरफ से बन रही मौसमी परिस्थितियों के कारण मजबूत हुआ है, जिससे नमी लगातार दक्षिणी राज्यों की ओर खिंच रही है।
प्रशासन ने नागरिकों और विशेष रूप से तटीय व पहाड़ी क्षेत्रों के निवासियों से अपील की है कि वे मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों को गंभीरता से लें। खुले स्थानों और बिजली गिरने की आशंका वाले क्षेत्रों से दूर रहने के साथ-साथ जलभराव वाली सड़कों पर वाहन न ले जाने की सलाह दी गई है। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
