कानपुर/नई दिल्ली: उत्तर भारत इस समय एक ऐसी बर्फीली गिरफ्त में है, जिसने न केवल रफ्तार रोक दी है, बल्कि जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। औद्योगिक नगरी कानपुर सहित समूचा उत्तर भारत 'जीरो विजिबिलिटी' और हाड़ कंपाने वाली शीतलहर (Cold Wave) की दोहरी मार झेल रहा है। आसमान से बरसती ओस की बूंदें और जमीन पर बिछी कोहरे की चादर ने आज एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर कुदरत का यह कड़ा इम्तिहान कब खत्म होगा?

कानपुर: कोहरे की चादर में लिपटी औद्योगिक राजधानी

आज सुबह जब कानपुर की आंख खुली, तो नजारा किसी हिल स्टेशन से कम नहीं था, लेकिन यह खूबसूरती अपने साथ जानलेवा ठंड लेकर आई। शहर के चकेरी, कल्याणपुर और सिविल लाइंस जैसे इलाकों में कोहरा इतना घना था कि 5 मीटर की दूरी पर खड़ा व्यक्ति भी दिखाई नहीं दे रहा था।

मुख्य प्रभाव:

• यातायात ठप: कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर आने वाली लगभग एक दर्जन ट्रेनें अपने निर्धारित समय से 5 से 10 घंटे की देरी से चल रही हैं। वहीं, दिल्ली-हावड़ा रूट पर विजिबिलिटी कम होने के कारण रेल यातायात रेंगने को मजबूर है।

• सड़क हादसे: राष्ट्रीय राजमार्गों पर कोहरे के कारण वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लग गया है। प्रशासन ने चालकों को फॉग लाइट का उपयोग करने और गति सीमा न्यूनतम रखने की सख्त हिदायत दी है।

• तापमान का गिरता स्तर: न्यूनतम 4 डिग्री से 6 डिग्री के बीच बना हुआ है, जबकि बर्फीली हवाओं के कारण 'फील्स लाइक' (महसूस होने वाला तापमान) इससे भी कम दर्ज किया गया है।

उत्तर भारत का हाल: शीतलहर का 'रेड अलर्ट'

केवल कानपुर ही नहीं, बल्कि पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और समूचा उत्तर प्रदेश इस समय 'कोल्ड डे' की स्थिति से गुजर रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, पहाड़ों से आ रही बर्फीली पछुआ हवाओं ने मैदानी इलाकों में ठिठुरन बढ़ा दी है। दिल्ली-NCR में भी धुंध और शीतलहर का कहर जारी है, जिससे वायु गुणवत्ता (AQI) भी 'गंभीर' श्रेणी में बनी हुई है।

प्रशासनिक मुस्तैदी और आधिकारिक निर्देश

बढ़ती ठंड और कोहरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं:

1. स्कूलों की छुट्टी: कानपुर समेत उत्तर प्रदेश के कई जिलों में कक्षा 8 तक के स्कूलों के समय में परिवर्तन किया गया है या शीतकालीन अवकाश बढ़ा दिया गया है।

2. रैन बसेरों का निरीक्षण: जिलाधिकारी ने नगर निगम को निर्देश दिए हैं कि प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और रैन बसेरों में बेड व कंबल की कमी न हो।

3. स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी: हैलट अस्पताल और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर हृदय और श्वास रोगियों की संख्या में वृद्धि देखी गई है। डॉक्टरों ने बुजुर्गों को सुबह की सैर से बचने की सलाह दी है।

अनिश्चितता के साये में उत्तर भारत

मौसम विभाग की मानें तो अगले 48 घंटों तक राहत मिलने के आसार कम हैं। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण कोहरा और घना हो सकता है। उत्तर भारत की यह सर्दी इस बार न केवल रिकॉर्ड तोड़ रही है, बल्कि यह प्रशासन के लिए भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। जब तक सूर्यदेव के दर्शन नहीं होते, तब तक कानपुर और आसपास के इलाकों को इस 'सफेद अंधेरे' और बर्फीली हवाओं के बीच ही संघर्ष करना होगा।

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