भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, 6 अक्टूबर यानी मंगलवार को देश के 24 राज्यों में बारिश का अनुमान जताया गया है। पश्चिमी विक्षोभ के असर से हिमालयी क्षेत्रों में कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश या बर्फबारी होने की संभावना है। इसके साथ ही उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में भी हल्की बारिश देखने को मिल सकती है।

मौसम विभाग के मुताबिक, मंगलवार को हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और आसपास के इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। इन क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जो झोंकों के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक जा सकती है।

जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में तेज हवाओं व बर्फबारी के आसार

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और आसपास के क्षेत्रों में 6 अक्टूबर को मौसम काफी सक्रिय रहने वाला है और कई स्थानों पर बारिश की संभावना जताई गई है। इसके बाद 7 और 8 अक्टूबर को भी कुछ इलाकों में बारिश का यह सिलसिला जारी रह सकता है। 6 अक्टूबर को गरज-चमक और बिजली गिरने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति झोंकों में 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से ऊंचे पहाड़ी इलाकों में बारिश के साथ बर्फबारी का दौर भी बन सकता है।

हिमाचल प्रदेश में भी मंगलवार को मौसम अधिक सक्रिय रहने का अनुमान है। राज्य में अलग-अलग जगहों पर बारिश की संभावना है और यह दौर 11 अक्टूबर तक जारी रह सकता है। 6 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर गरज-चमक, बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है, जो झोंकों में 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक जा सकती हैं। पश्चिमी विक्षोभ के कारण पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र के ऊंचे इलाकों में बर्फबारी की संभावना को देखते हुए पहाड़ी इलाकों में सफर करने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

उत्तर प्रदेश में मौसम का हाल

उत्तर प्रदेश में aaj 6 अक्टूबर को मौसम करवट ले सकता है। मौसम विभाग ने राज्य के पश्चिमी और पूर्वी दोनों हिस्सों में अलग-अलग स्थानों पर बारिश होने की बात कही है।

  • पश्चिमी उत्तर प्रदेश: यहाँ 6 से 9 अक्टूबर तक गरज-चमक और बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है। इसके अलावा 6 से 10 अक्टूबर के दौरान अलग-अलग जगहों पर बारिश होने की संभावना है
  • पूर्वी उत्तर प्रदेश: इस क्षेत्र में 6 से 8 अक्टूबर के बीच गरज-चमक की स्थिति रह सकती है। वहीं 5 से 10 अक्टूबर के दौरान अलग-अलग स्थानों पर बारिश की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि 6 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश में बहुत भारी बारिश का कोई संकेत नहीं दिया गया है।

बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल का मौसम

बिहार में सोमवार को बारिश जारी रहने की संभावना जताई गई है, जबकि 6 से 9 अक्टूबर तक राज्य में अलग-अलग जगहों पर बारिश का दौर बना रह सकता है। 6 अक्टूबर को कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज हवाओं का असर देखा जा सकता है। पिछले 24 घंटों के दौरान भी बिहार में कई स्थानों पर बारिश दर्ज की गई है, जिसमें किशनगंज में 7 सेंटीमीटर बारिश हुई है।

बिहार, झारखंड और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में 6 से 9 अक्टूबर के दौरान हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा रहने का अनुमान है, जो झोंकों के साथ 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।

दिल्ली में बादल और हल्की बूंदाबांदी की संभावना

दिल्ली में 6 अक्टूबर को सुबह के समय आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे, जो दोपहर या शाम तक सामान्य रूप से बादलों में बदल सकते हैं। कुछ इलाकों में गरज-चमक और बिजली के साथ बहुत हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने के आसार हैं।


तापमान और हवा की स्थिति इस प्रकार रहने का अनुमान है:

  • तापमान: दिल्ली में अधिकतम तापमान 34 से 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21 से 23 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा, जो ज्यादातर इलाकों में सामान्य के आसपास ही बना रहेगा।
  • हवा की गति: सुबह के समय उत्तर-पश्चिम दिशा से करीब 12 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चलेगी। दोपहर में हवा उत्तर दिशा से 15 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जबकि शाम और रात में इसकी गति घटकर लगभग 12 किलोमीटर प्रति घंटा रहने की उम्मीद है।

राजस्थान में सीमित रहेगा बारिश का असर

राजस्थान में 6 अक्टूबर को बारिश का असर काफी सीमित रहने वाला है। मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार, राज्य के पश्चिमी हिस्से में अलग-अलग जगहों पर बारिश की संभावना 11 अक्टूबर के लिए जताई गई है।

6 अक्टूबर के लिए राजस्थान में बड़े स्तर पर बारिश, तेज आंधी या भारी बारिश जैसी स्थिति का कोई उल्लेख नहीं किया गया है और मौसम के मुख्य रूप से सामान्य रहने की संभावना ज्यादा है। हालांकि, उत्तर-पश्चिम भारत के बाकी हिस्सों में हो रहे मौसमी बदलावों का असर आसपास के क्षेत्रों में महसूस किया जा सकता है।


Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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