केरल में येलो अलर्ट और दिल्ली में आंधी-तूफ़ान ; IMD ने इन राज्यों के लिए जारी किया अलर्ट
देशभर में मौसम ने अचानक करवट ली है। केरल में भारी बारिश का येलो अलर्ट, बिहार-बंगाल में तूफान और ओलावृष्टि का खतरा, वहीं गुजरात और तेलंगाना में भीषण गर्मी जारी है। आईएमडी के अनुसार मई में सामान्य से अधिक बारिश और हीटवेव दोनों का प्रभाव देखने को मिलेगा।

केरल में भारी बारिश
देशभर में मौसम ने अचानक करवट ले ली है और एक ही समय में अलग-अलग क्षेत्रों में विपरीत परिस्थितियां देखने को मिल रही हैं। India Meteorological Department (IMD) ने केरल के कई जिलों में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है, वहीं उत्तर और पूर्वी भारत में आंधी-तूफान का खतरा मंडरा रहा है। दूसरी ओर पश्चिम और मध्य भारत भीषण गर्मी की चपेट में है, जिससे हालात और चुनौतीपूर्ण हो गए हैं।
केरल में जारी येलो अलर्ट के तहत कोट्टायम, एर्नाकुलम, इडुक्की, वायनाड, कन्नूर, मलप्पुरम और पथानमथिट्टा जैसे जिलों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। आईएमडी के अनुसार, येलो अलर्ट का मतलब है कि लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है, क्योंकि 24 घंटों में 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है। 2 मई को लगभग 7 से 8 जिलों में यह अलर्ट प्रभावी रहा, और पिछले दिनों की तुलना में इसका दायरा बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है।
इसी बीच, पूर्वी भारत के राज्यों बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में मौसम ने और अधिक उग्र रूप ले लिया है। यहां मध्यम से भारी बारिश के साथ तेज आंधी, बिजली गिरने और गरज के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। बिहार के करीब 20 जिलों में ओलावृष्टि की चेतावनी भी जारी की गई है, जिससे फसलों और जनजीवन पर असर पड़ सकता है। वहीं सिक्किम, असम और अन्य उप-हिमालयी क्षेत्रों में इस सप्ताह तेज हवाओं के साथ भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की आशंका है, जहां हवा की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
उत्तर भारत में भी मौसम अस्थिर बना हुआ है। दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में अगले एक से दो दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है, जहां हल्की बारिश, तेज हवाएं और गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी तेज तूफान और बारिश का अलर्ट जारी है, जहां हवा की गति 70 से 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। मौसम विभाग ने इस बदलाव के पीछे सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ को मुख्य कारण बताया है।
इसके विपरीत, पश्चिम और मध्य भारत में गर्मी अपने चरम पर है। गुजरात में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है और हीटवेव की स्थिति बनी हुई है। महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी का खतरा बना हुआ है, खासकर आंतरिक क्षेत्रों में हालात अधिक गंभीर हैं। दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में भी मौसम राहत देने के बजाय चुनौती बढ़ा रहा है। तेलंगाना में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, जिससे हीटवेव की स्थिति और गंभीर हो गई है। वहीं तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय क्षेत्रों में गर्म और उमस भरा मौसम लोगों के लिए असहजता पैदा कर रहा है, जहां रातें भी सामान्य से अधिक गर्म बनी हुई हैं।
आईएमडी के राष्ट्रीय परिदृश्य के अनुसार, मई महीने में देशभर में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है, जो औसत से 110 प्रतिशत तक अधिक हो सकती है। फिलहाल 15 से अधिक राज्यों में बारिश और तूफान को लेकर अलर्ट जारी है। इसके साथ ही पश्चिम और मध्य भारत में हीटवेव के दिनों में भी वृद्धि की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून 14 से 16 मई के बीच अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में दस्तक दे सकता है।
देशभर में इस समय मौसम का यह असंतुलित स्वरूप न केवल जनजीवन को प्रभावित कर रहा है, बल्कि कृषि, परिवहन और स्वास्थ्य पर भी इसका व्यापक असर पड़ सकता है। एक ओर जहां कुछ क्षेत्रों में बारिश राहत लेकर आ रही है, वहीं अन्य हिस्सों में बढ़ती गर्मी और तूफान की आशंका ने चिंता बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में मौसम की यह अस्थिरता और तेज हो सकती है, जिससे सतर्कता और तैयारी दोनों की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
