भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के विभिन्न हिस्सों में मानसून की सक्रियता को देखते हुए 15 राज्यों के लिए भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण उत्तर-पश्चिम, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में मौसम के मिजाज में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि अगले कुछ घंटों से लेकर आगामी दिनों तक इन क्षेत्रों में 40 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है, जो जनजीवन और बुनियादी ढांचे को प्रभावित कर सकती हैं।

इस मौसमी बदलाव के चलते उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है, जबकि कुछ स्थानों पर अत्यधिक वर्षा होने का अनुमान है। वहीं, उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, झारखंड और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में भी तेज गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान में कई चक्रवाती परिसंचरण और ट्रफ रेखाएं सक्रिय हैं, जिसके प्रभाव से बारिश का यह दौर जारी रहेगा।

दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लिए मौसम विभाग ने रविवार हेतु 'येलो अलर्ट' जारी किया है। यहां रुक-रुक कर हल्की बारिश और 20 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चलने की संभावना है, साथ ही उमस भरी गर्मी का असर भी बना रहेगा। उत्तर प्रदेश में 19 से 24 जुलाई तक व्यापक बारिश का पूर्वानुमान है, जिसमें पश्चिमी और पूर्वी दोनों क्षेत्रों के दर्जनों जिलों में मूसलाधार वर्षा हो सकती है। इसी प्रकार, बिहार, राजस्थान, उत्तराखंड और झारखंड में भी अगले कुछ दिनों तक सक्रिय मानसून का प्रभाव देखने को मिलेगा, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और भूस्खलन की आशंका बनी हुई है।

विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों में प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को नदियों, झरनों और पहाड़ी रास्तों पर यात्रा करते समय अत्यधिक सावधानी बरतने की सलाह दी है। अचानक आने वाली बाढ़ (फ्लैश फ्लड) और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए आपदा प्रबंधन एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। बिजली गिरने और तेज हवाओं से पेड़, बिजली के खंभे और खड़ी फसलों को नुकसान होने की संभावना है, जिसके मद्देनजर आमजन को सुरक्षित स्थानों पर रहने और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने का आग्रह किया गया है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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