IMD ने जारी किया रेड-लेवल अलर्ट ; जानें किन राज्यों में भारी बारिश और आंधी से जनजीवन होगा प्रभावित
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई राज्यों में भारी बारिश, आंधी-तूफान और 70 किमी/घंटा तक तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। उत्तर, पूर्व, दक्षिण और पश्चिम भारत में मौसम का बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा, जिससे तापमान में गिरावट, जलभराव, यातायात बाधा और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की संभावना है।

भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी
देश के मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है, जहां भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर से लेकर दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक व्यापक चेतावनी जारी की है। आने वाले कुछ दिनों में कई राज्यों में भारी बारिश, गरज-चमक के साथ आंधी-तूफान और 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज रफ्तार हवाओं के चलते मौसम के गंभीर होने की आशंका जताई गई है। विभाग ने यह स्थिति पश्चिमी विक्षोभ और सक्रिय मानसूनी परिस्थितियों के संयुक्त प्रभाव के कारण बताई है।
उत्तर भारत में दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा और राजस्थान जैसे राज्यों में मौसम अचानक करवट लेने वाला है। यहां गरज-चमक के साथ बिजली गिरने, धूल भरी आंधी और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है, जिनकी गति 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। मौसम विभाग के अनुसार यह स्थिति पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण बनी हुई है, जिससे क्षेत्रीय तापमान में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में स्थिति और भी अधिक गंभीर रहने का अनुमान है। बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और असम में भारी से अत्यंत भारी बारिश के साथ व्यापक रूप से गरज-चमक वाले तूफान और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। इन क्षेत्रों में लगातार वर्षा से जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है और कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति भी बन सकती है।
दक्षिण भारत में केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में सक्रिय मानसून के चलते व्यापक वर्षा का दौर जारी रहने की संभावना है। विशेषकर केरल और तटीय क्षेत्रों में भारी बारिश के दौर देखे जा सकते हैं, जिससे सामान्य जनजीवन और यातायात पर प्रभाव पड़ सकता है।
पश्चिम भारत में भी मौसम का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। गुजरात क्षेत्र, कोंकण एवं गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 11 से 17 जून के बीच कहीं-कहीं पर छिटपुट से लेकर बिखरी हुई बारिश की संभावना है। वहीं सौराष्ट्र और कच्छ में 15 से 17 जून के बीच बारिश के आसार हैं। कोंकण एवं गोवा में 12 से 13 जून के दौरान, मध्य महाराष्ट्र में 11 से 14 जून तक तथा मराठवाड़ा में 11 से 13 जून तक गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है, जो झोंकों के रूप में 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं।
IMD ने पूरे प्रभावित क्षेत्र में 40 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाओं को लेकर भी अलर्ट जारी किया है। इन हवाओं के कारण धूल भरी आंधी, पेड़ों के गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने जैसी स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं।
मौसम परिवर्तन का असर तापमान पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। उत्तर भारत में तापमान में 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिलने की संभावना है। हालांकि कुछ क्षेत्रों में उमस और असमान बारिश के कारण राहत सीमित रह सकती है।
मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार इस बदलते मौसम का सीधा प्रभाव आम जनजीवन पर पड़ेगा। शहरी क्षेत्रों में जलभराव, यातायात बाधा, बिजली आपूर्ति में व्यवधान और उड़ानों व रेल सेवाओं में देरी जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। वहीं ग्रामीण और कृषि क्षेत्रों में यह बारिश जहां एक ओर लाभकारी साबित हो सकती है, वहीं तेज हवाएं और असमय वर्षा कुछ जगहों पर नुकसान भी पहुंचा सकती हैं।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
