दक्षिण भारत में उमस का अलर्ट- 34 डिग्री तक पहुंचेगा पारा, तटीय इलाकों में नमी बढ़ाएगी मुश्किल
दक्षिण भारत में मौसम का मिला-जुला असर! चेन्नई और बेंगलुरु में उमस भरी गर्मी के बीच केरल के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश की संभावना। जानिए अगले 24 घंटों का सटीक वेदर अपडेट।

Humidity alert in South India
बेंगलुरु/चेन्नई:
उत्तर भारत में जहां पश्चिमी विक्षोभ की वजह से आंधी-तूफान का माहौल है, वहीं दक्षिण भारत के राज्यों में गर्मी और अत्यधिक उमस (Humidity) ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल के अधिकांश हिस्सों में आज मौसम गर्म और चिपचिपा बना रहेगा। चेन्नई और बेंगलुरु जैसे महानगरों में तापमान सामान्य से थोड़ा अधिक रहने का अनुमान है।
तापमान और उमस का प्रभाव
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, दक्षिण भारत के आंतरिक और तटीय इलाकों में अधिकतम तापमान 32°C से 34°C के बीच रहने की संभावना है। हालांकि, हवा में नमी (Moisture) का स्तर 70% से अधिक होने के कारण 'फील्स लाइक' (महसूस होने वाला) तापमान वास्तविक तापमान से 3-4 डिग्री अधिक महसूस हो सकता है। विशेष रूप से चेन्नई और कोच्चि जैसे तटीय शहरों में दोपहर के समय उमस भरी गर्मी से आम जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।
इन इलाकों में हल्की बारिश की उम्मीद
गर्मी के बीच राहत की खबर यह है कि केरल और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के कुछ छिटपुट इलाकों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। स्थानीय मौसमी दबाव और समुद्र से उठने वाली नम हवाओं के कारण शाम के समय कुछ जगहों पर गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। यह बारिश तापमान को कुछ समय के लिए कम कर सकती है, लेकिन इसके तुरंत बाद उमस में बढ़ोतरी देखी जा सकती है।
प्रमुख शहरों का हाल
- चेन्नई: यहां आसमान मुख्य रूप से साफ रहेगा, लेकिन तटीय हवाओं की वजह से भारी उमस बनी रहेगी। अधिकतम तापमान 33°C के आसपास रहेगा।
- बेंगलुरु: 'गार्डन सिटी' में मौसम थोड़ा गर्म रहेगा। यहां तापमान 32°C के करीब रहने का अनुमान है, जबकि शाम को बादल छाए रह सकते हैं।
- केरल (कोच्चि और तिरुवनंतपुरम): केरल के तटीय और पहाड़ी इलाकों में छिटपुट बारिश की संभावना है। यहां मानसून पूर्व की गतिविधियों के कारण उमस का स्तर काफी ऊंचा रहेगा।
- हैदराबाद और तेलंगाना: यहाँ शुष्क गर्मी का असर रहेगा और तापमान 35°C तक भी जा सकता है।
तटीय क्षेत्रों में रहने वालों के लिए चुनौतियां
तटीय क्षेत्रों में नमी का स्तर अधिक होने से शरीर से पसीना जल्दी नहीं सूखता, जिससे डिहाइड्रेशन और थकान जैसी समस्याएं हो सकती हैं। मौसम वैज्ञानिकों ने सलाह दी है कि लोग दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच सीधे धूप में निकलने से बचें और पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन करें।
कृषि और बिजली की खपत पर असर
बढ़ती गर्मी और उमस के कारण दक्षिण भारत के राज्यों में बिजली की मांग में अचानक बढ़ोतरी देखी गई है। एयर कंडीशनर और कूलरों के लगातार इस्तेमाल से ग्रिड पर दबाव बढ़ा है। वहीं, केरल के रबर और मसाला बागानों के लिए हल्की बारिश को फायदेमंद माना जा रहा है, लेकिन अत्यधिक गर्मी फसलों की नमी को कम कर सकती है।
स्वास्थ्य सावधानी के उपाय
बदलते मौसम और बढ़ती उमस को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने निम्नलिखित सुझाव दिए हैं:
- हाइड्रेशन: दिन भर भरपूर पानी, नारियल पानी और नींबू पानी पीते रहें।
- पहनावा: सूती और हल्के रंग के कपड़े पहनें जो पसीने को सोख सकें।
- खान-पान: हल्का और सुपाच्य भोजन करें, ज्यादा तला-भुना खाने से बचें।
- त्वचा की सुरक्षा: बाहर निकलते समय सनस्क्रीन और टोपी का प्रयोग करें।
दक्षिण भारत फिलहाल गर्मी के शुरुआती दौर से गुजर रहा है। जहां एक ओर तापमान स्थिर बना हुआ है, वहीं उमस ने इसे चुनौतीपूर्ण बना दिया है। आने वाले सप्ताह में तापमान में और बढ़ोतरी होने की संभावना है, जिससे दक्षिण के राज्यों में प्री-मानसून की गतिविधियां तेज हो सकती हैं।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
