नई दिल्ली/शिमला: उत्तर भारत के राज्यों में एक बार फिर मौसम ने करवट ले ली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने ताजा बुलेटिन जारी करते हुए हिमाचल प्रदेश के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव के कारण पहाड़ों पर बर्फबारी और ओलावृष्टि की संभावना है, जबकि दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाओं का दौर शुरू हो गया है।

हिमाचल प्रदेश: 5 जिलों में भारी ओलावृष्टि की चेतावनी

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, राज्य के मध्यम और ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम सबसे ज्यादा खराब रहेगा। विभाग ने शिमला, कुल्लू, कांगड़ा, मंडी और चंबा जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ भारी ओलावृष्टि और बिजली गिरने की आशंका है। इसके अलावा, लाहौल-स्पीति और किन्नौर की ऊंची चोटियों पर ताजा बर्फबारी होने से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है।

अन्य जिलों जैसे सोलन, सिरमौर और ऊना के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है, जहाँ 40 से 50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।

मैदानी इलाकों में बारिश और ठंडी हवाएं

पहाड़ों पर हो रही हलचल का सीधा असर मैदानी इलाकों में भी दिख रहा है।

  • दिल्ली-NCR: राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में धूल भरी आंधी के साथ हल्की बूंदाबांदी की संभावना है। इससे प्रदूषण के स्तर में सुधार होगा और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी।
  • पंजाब और हरियाणा: इन राज्यों में भी बादल छाए हुए हैं। कुछ हिस्सों में गरज के साथ बौछारें पड़ने की खबर है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि तेज हवाएं फसलों को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
  • उत्तर प्रदेश: पश्चिमी यूपी के कुछ जिलों में मौसम विभाग ने धूल भरी आंधी और छिटपुट बारिश का अनुमान जताया है।

तापमान में आएगी 3 से 5 डिग्री की गिरावट

इस मौसमी बदलाव के कारण उत्तर भारत के अधिकांश राज्यों में अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आने की उम्मीद है। पिछले कुछ दिनों से बढ़ रही तपिश के बीच यह बारिश लोगों के लिए 'ठंडक' लेकर आएगी। हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह राहत अस्थायी है और विक्षोभ के गुजरते ही तापमान में फिर से बढ़ोतरी शुरू हो जाएगी।

एडवाइजरी: सुरक्षित रहें और सतर्क रहें

खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए कुछ महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं:

  • पर्यटक ध्यान दें: ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों और नदी-नालों के पास जाने से बचें। अचानक होने वाली ओलावृष्टि से सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं।
  • बिजली से बचाव: गरज-चमक के दौरान पेड़ों के नीचे न खड़े हों और बिजली के खंभों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
  • किसानों के लिए सलाह: ओलावृष्टि की चेतावनी को देखते हुए कटी हुई फसलों को ढक कर रखें या सुरक्षित स्थान पर पहुंचाएं।


उत्तर भारत में 8 अप्रैल तक मौसम के इसी तरह उतार-चढ़ाव भरे रहने का अनुमान है। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी और ओलावृष्टि ने अप्रैल की शुरुआत में ही फरवरी जैसा अहसास करा दिया है। मौसम की सटीक जानकारी के लिए स्थानीय प्रशासन और IMD के अपडेट्स का पालन करते रहें।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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