देशभर में मानसून का कहर! 17 राज्यों में बारिश-तूफान का अलर्ट, जानें किन राज्यों में खतरा|
आईएमडी ने 24 अगस्त को दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार समेत 17 राज्यों में तेज हवाओं और तूफानी बारिश की चेतावनी जारी की है।

मूसलाधार बारिश और तेज आंधी के बीच सड़क पर वाहन गुजर रहे हैं।
उत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत तक मौसम का मिजाज एक बार फिर पूरी तरह से बदल गया है और सक्रिय हुए मानसून के चलते देश के एक बड़े हिस्से में भारी बारिश और आंधी-तूफान का दौर शुरू होने के स्पष्ट संकेत मिलने लगे हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के आधिकारिक और ताजा पूर्वानुमानों के अनुसार, आज 24 अगस्त को देश के कुल 17 राज्यों में मूसलाधार बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का गंभीर अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, अगले कुछ घंटों के भीतर उत्तर से लेकर दक्षिण और पश्चिम से लेकर पूर्व तक कई राज्यों में मौसम का उग्र रूप देखने को मिल सकता है, जिससे आम जनजीवन और यातायात पर भी प्रभाव पड़ने की आशंका है।
मौसम विज्ञानियों का मानना है कि पिछले कुछ दिनों से सक्रिय मानसूनी प्रणालियों ने एक बार फिर विकराल रूप धारण कर लिया है, जिसके परिणामस्वरूप पर्वतीय राज्यों से लेकर मैदानी इलाकों तक बादलों का घना पहरा लग गया है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में लगातार हो रही बारिश और संभावित चेतावनी के चलते स्थानीय प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया है। इन पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन (लैंडस्लाइड) का गंभीर खतरा बना हुआ है, जिसके कारण पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही, उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, पंजाब, हरियाणा, झारखंड, गुजरात, पश्चिम बंगाल और ओडिशा जैसे प्रमुख राज्यों में भी भारी बारिश और तूफान का यलो व ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
राजधानी दिल्ली और इसके आसपास के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आज आसमान में बादलों की आवाजाही बनी हुई है और 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज रफ्तार से हवाएं चलने के साथ भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। उत्तर प्रदेश के नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, अयोध्या, वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर और झांसी समेत कई जिलों में मूसलाधार बारिश का अनुमान है। वहीं, बिहार के पटना, सारण, गया, पूर्णिया और मुजफ्फरपुर जैसे इलाकों में भी तूफानी हवाओं के साथ बारिश होने की पूरी संभावना है। राजस्थान, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के विभिन्न हिस्सों में भी 40 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज गति से आंधी चलने और भारी बौछारें पड़ने की बात कही गई है।
तटीय इलाकों जैसे पश्चिम बंगाल और ओडिशा में समुद्र की स्थिति को देखते हुए मछुआरों को पूरी तरह से दूर रहने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं से बचने के लिए लोगों को खुले स्थानों या पेड़ों के नीचे शरण न लेने की सख्त चेतावनी दी गई है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन इकाइयों ने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अपनी तैयारियों को पूरी तरह से पुख्ता कर लिया है। मौसम विभाग लगातार उपग्रहों और रडार के माध्यम से बादलों की चाल पर पैनी नजर बनाए हुए है, ताकि समय रहते सटीक अपडेट जनता तक पहुंचाए जा सके।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
