देश भर में मानसून का असर लगातार बना हुआ है और मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने देश के 18 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग की इस चेतावनी के बाद कई राज्यों में बाढ़, भूस्खलन और फ्लैश फ्लड का गंभीर खतरा पैदा हो गया है, जिससे प्रशासन और आम जनता दोनों की चिंताएं बढ़ गई हैं। देश के कई हिस्सों में मानसून के पूरी तरह सक्रिय होने के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है और असम तथा गुजरात जैसे राज्यों में पहले से ही भयानक बाढ़ के हालात बने हुए हैं।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, मध्य भारत, पूर्वी भारत, उत्तर-पश्चिम भारत और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में अगले चौबीस घंटे के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश का दौर लगातार जारी रहने की संभावना है। इसके अलावा केरल, तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के विभिन्न क्षेत्रों में भी तेज बारिश का अनुमान जताया गया है। वहीं दूसरी ओर हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर के तमाम राज्यों में गरज-चमक, वज्रपात यानी बिजली गिरने और तीव्र हवाओं के साथ झमाझम बारिश होने की पूरी संभावना है।

राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में मौसम की स्थिति पर नजर डालें तो यहां 6 से 8 अगस्त के दौरान हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है। आईएमडी के मुताबिक दिल्ली में आज आसमान में मुख्य रूप से बादल छाए रहेंगे और हल्की बौछारें पड़ सकती हैं, जिससे तापमान में बहुत बड़ा बदलाव नहीं आएगा और अधिकतम तापमान 32 डिग्री तथा न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा सकता है। इसके अलावा 7 और 8 अगस्त को भी मौसम का यही हाल रहने की उम्मीद है और हल्की बारिश के आसार बने रहेंगे।

उत्तर प्रदेश के कई प्रमुख जिलों में 6 और 7 अगस्त के दौरान भारी बारिश का कड़ा अलर्ट जारी किया गया है। लखनऊ, कानपुर, उन्नाव, रायबरेली, बाराबंकी, अयोध्या, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा, आगरा और मथुरा समेत विभिन्न क्षेत्रों में अधिकांश स्थानों पर गरज-चमक के साथ भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ चुनिंदा इलाकों में बारिश का यह जोर अधिक प्रभावी हो सकता है। इसी तरह बिहार के अधिकांश जिलों में आज व्यापक स्तर पर बारिश होने की संभावना है और कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जताते हुए लोगों को पूरी तरह सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

राजस्थान में भी मानसून मेहरबान नजर आ रहा है, जहां पूर्वी राजस्थान में आज यानी 6 अगस्त को कई स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है, जबकि 7 से 9 अगस्त के दौरान पश्चिमी राजस्थान में भी बारिश की गतिविधियों में काफी तेजी आने का अनुमान है और कुछ चुनिंदा इलाकों में बहुत भारी बारिश भी दर्ज की जा सकती है। पर्वतीय और पूर्वोत्तर राज्यों की बात करें तो हिमाचल प्रदेश में शिमला, मंडी, कुल्लू, कांगड़ा, चंबा, हमीरपुर, ऊना, बिलासपुर, सोलन, सिरमौर, किन्नौर और लाहौल-स्पीति जैसे जिलों में 6 से 10 अगस्त के बीच भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा, जिससे तेज हवाओं और भूस्खलन का खतरा बना रहेगा। पंजाब के अमृतसर, गुरदासपुर, पठानकोट, जालंधर, लुधियाना, पटियाला और मोहाली में भी गरज-चमक के साथ बारिश के आसार हैं। उत्तराखंड के देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी, नैनीताल, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ में 6 से 10 अगस्त तक भारी बारिश का अनुमान है, जिससे कई पर्वतीय इलाकों में फ्लैश फ्लड और भूस्खलन की आशंका जताई गई है। इसके अलावा गुजरात के दक्षिण हिस्से, सौराष्ट्र और कच्छ में तथा महाराष्ट्र के कोंकण, मुंबई, ठाणे, पालघर, रायगढ़, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग और घाट क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश के साथ जलभराव की स्थिति बन सकती है, जबकि असम में लगातार बारिश के चलते नदियों का जलस्तर बढ़ने और बाढ़ के हालात और अधिक गंभीर होने की आशंका है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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