देशभर में मानसून के सक्रिय होने के साथ ही मौसम ने एक बार फिर गंभीर रुख अख्तियार कर लिया है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित होने की पूरी संभावना जताई जा रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी आईएमडी (IMD) ने देश के लगभग 22 राज्यों में आगामी घंटों और दिनों के लिए भारी से मूसलाधार बारिश का हाई अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग की इस चेतावनी के बाद प्रशासनिक अमला और आम नागरिक दोनों सतर्क हो गए हैं क्योंकि इस दौरान कई क्षेत्रों में भारी बारिश के साथ-साथ आंधी-तूफान और वज्रपात की भी आशंका व्यक्त की गई है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार, इस मौसमी हलचल के पीछे सक्रिय मानसूनी तंत्र और विभिन्न क्षेत्रों में बने कम दबाव के क्षेत्र मुख्य कारण हैं, जो लगातार नमी खींच रहे हैं और बादलों को घना बना रहे हैं।

मौसम विभाग की नवीनतम रिपोर्ट के मुताबिक, इस मानसूनी दौर के प्रभाव से देश के कई हिस्सों में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। इतनी तेज हवाओं के चलने से कच्चे मकानों, पेड़ों और बिजली के खंभों को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ गया है, जिसे देखते हुए लोगों को अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। दक्षिण भारत के राज्यों से लेकर उत्तर भारत के पर्वतीय व मैदानी इलाकों तक इस चेतावनी का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। विशेष रूप से केरल, तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का सिलसिला लगातार जारी है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है।

उत्तर भारत के राज्यों की बात करें तो राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के क्षेत्रों में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ है। दिल्ली में आगामी दिनों के दौरान आमतौर पर आसमान में बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली में तापमान नियंत्रित बना हुआ है और अधिकतम तापमान 32 से 33 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 23 से 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा रहा है। हालांकि दिल्ली के लिए किसी बड़े खतरे का अलर्ट जारी नहीं किया गया है, फिर भी बादलों की आवाजाही और हल्की फुहारों से उमस भरे मौसम से लोगों को कुछ राहत जरूर मिल रही है।

इसके विपरीत, उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में मौसम का तेवर काफी कड़ा नजर आ रहा है। उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर नगर, कानपुर देहात, उन्नाव, रायबरेली, बाराबंकी, अयोध्या, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा, बागपत, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा और आगरा सहित कई जिलों में भारी बारिश का कड़ा अलर्ट जारी किया गया है। पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में गरज-चमक के साथ भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। इसी प्रकार, बिहार के भी कई जिलों में व्यापक वर्षा का पूर्वानुमान जताया गया है, जहां कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकती है।

पर्वतीय राज्यों जैसे उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में स्थिति और अधिक संवेदनशील बनी हुई है। उत्तराखंड के देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी गढ़वाल, टिहरी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी, अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़, नैनीताल, चंपावत और ऊधमसिंह नगर जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। इन पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण फ्लैश फ्लड यानी अचानक बाढ़ आने और भूस्खलन होने का गंभीर जोखिम बना हुआ है। हिमाचल प्रदेश के शिमला, मंडी, कुल्लू, कांगड़ा, चंबा, हमीरपुर, ऊना, बिलासपुर, सोलन, सिरमौर, किन्नौर और लाहौल-स्पीति में भी अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की चेतावनी दी गई है।

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भी मौसम की यह मार साफ तौर पर देखी जा सकती है। असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में मूसलाधार बारिश के साथ आंधी और बिजली गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं। इसके अलावा झारखंड, ओडिशा, गंगीय पश्चिम बंगाल और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के कई स्थानों पर भी भारी बारिश का अनुमान व्यक्त किया गया है। पश्चिमी राजस्थान और पूर्वी राजस्थान के विभिन्न हिस्सों में भी आने वाले दिनों में भारी बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग की इन तमाम चेतावनियों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को हाई अलर्ट पर रखा है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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