भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के मौसम मिजाज को लेकर एक बड़ा और गंभीर अलर्ट जारी किया है। दक्षिण बंगाल और उससे सटे बांग्लादेश के ऊपर सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र के चलते देश के लगभग 12 राज्यों में भारी बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो से तीन दिनों में इस मौसमी सिस्टम के और अधिक मजबूत होने की पूरी संभावना है, जिसके कारण मौसम का यह दौर व्यापक रूप से प्रभावित करेगा।

इस मौसमी उथल-पुथल का असर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से लेकर सुदूर दक्षिण के तमिलनाडु तक साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। जिन 12 प्रमुख राज्यों और क्षेत्रों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, उनमें दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु शामिल हैं। कई संवेदनशील इलाकों में हवा की रफ्तार 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे जनजीवन के प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। समुद्र में बन रही कठिन परिस्थितियों को देखते हुए मछुआरों को एहतियात के तौर पर तटों से दूर रहने और गहरे समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है।

उत्तर भारत के प्रमुख राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश और बिहार में मानसून पूरी तरह से आक्रामक रुख अपनाए हुए है। उत्तर प्रदेश के मेरठ, मुजफ्फरपुर, सहारनपुर, बिजनौर, मुरादाबाद, बरेली, कानपुर, बदायूं, रामपुर, मैनपुरी, ललितपुर, सीतापुर, हरदोई, बहराइच, कन्नौज, कुशीनगर, प्रयागराज, गोरखपुर और देवरिया जैसे तमाम जिलों में मूसलाधार बारिश के साथ तेज आंधी चलने की संभावना है। वहीं राजधानी लखनऊ में तापमान में गिरावट के साथ उमस भरा मौसम बना हुआ है। दूसरी ओर, बिहार की राजधानी पटना से लेकर दरभंगा, गया, सारण, जहानाबाद, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, पूर्णिया, सहरसा, सुपौल और कटिहार समेत लगभग बीस जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है, जहां 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है।

पर्वतीय राज्यों में स्थिति और अधिक चुनौतीपूर्ण होती जा रही है। हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार, भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ से कुल 135 सड़कें पूरी तरह से बंद हो चुकी हैं, जिनमें कुल्लू, मंडी, शिमला और चंबा जैसे जिले सबसे अधिक प्रभावित हैं। सड़कों के अवरुद्ध होने से स्थानीय लोगों और पर्यटकों की आवाजाही पर गहरा असर पड़ा है।

तटीय और पूर्वी क्षेत्रों में भी मौसम का भयंकर रूप देखने को मिल रहा है। ओडिशा के तटों पर डिप्रेशन के गहरे कम दबाव के क्षेत्र में बदलने की आशंका के चलते कई जिलों में रेड अलर्ट घोषित किया गया है, जहां पारादीप और सागर द्वीप के बीच समुद्र तट पार करते समय भारी से अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना, पूर्व मेदिनीपुर, पश्चिम मेदिनीपुर और झाड़ग्राम जैसे जिलों में भी व्यापक वर्षा का अनुमान है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से मुस्तैद कर दिया गया है ताकि जनहानि को टाला जा सके।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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