दिल्ली पर कोहरे का शिकंजा: पालम एयरपोर्ट पर दृश्यता शून्य के करीब, 400 से अधिक उड़ानें प्रभावित
दिल्ली में कोहरे का कोहराम! पालम एयरपोर्ट पर दृश्यता कम होने से 400 से अधिक उड़ानें प्रभावित। मौसम विभाग ने अगले 3 घंटों के लिए जारी की गंभीर चेतावनी। जानिए उड़ानों की देरी, औसत विलंब और दिल्ली-एनसीआर के मौसम का ताजा हाल। यात्रा से पहले यह विशेष रिपोर्ट अवश्य पढ़ें।

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली एक बार फिर घने कोहरे और ठिठुरन भरी सर्दी की दोहरी मार झेल रही है। आज सुबह से ही समूचे दिल्ली-एनसीआर में धुंध की एक ऐसी मोटी चादर लिपटी है, जिसने जमीन से लेकर आसमान तक की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने एक आपातकालीन बुलेटिन जारी करते हुए चेतावनी दी है कि अगले तीन घंटों तक दिल्ली के अधिकांश हिस्सों में 'मध्यम से घना' कोहरा (Moderate to Dense Fog) बना रहेगा। इस प्राकृतिक व्यवधान ने विशेष रूप से विमानन सेवाओं को बुरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है, जिससे हजारों यात्री अधर में लटके हुए हैं।
पालम एयरपोर्ट पर संकट: उड़ानों का लगा अंबार
इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGIA) का पालम क्षेत्र आज सुबह कोहरे का केंद्र बना रहा। कम दृश्यता (Low Visibility) के कारण रनवे पर परिचालन करना जोखिम भरा साबित हो रहा है।
- उड़ानों में भारी देरी: आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली हवाई अड्डे पर अब तक 400 से अधिक उड़ानों के आवागमन में देरी दर्ज की गई है।
- दृश्यता का स्तर: पालम एयरपोर्ट पर दृश्यता का स्तर काफी नीचे गिर गया है, जिससे पायलटों को विमान उतारने और उड़ान भरने में भारी मशक्कत करनी पड़ रही है।
- औसत विलंब: हवाई अड्डा प्रशासन के मुताबिक, उड़ानों में औसतन 14 मिनट से लेकर कई घंटों तक का विलंब देखा जा रहा है। कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को नजदीकी हवाई अड्डों जैसे जयपुर और अहमदाबाद की ओर डायवर्ट करना पड़ा है।
मौसम विभाग की चेतावनी और अलर्ट
मौसम विभाग (IMD) ने अपनी सैटेलाइट तस्वीरों के आधार पर बताया है कि पंजाब से लेकर उत्तर प्रदेश तक फैले कोहरे के बेल्ट ने दिल्ली को पूरी तरह से ढक लिया है।
"अगले तीन घंटे दिल्ली-एनसीआर के लिए अत्यंत संवेदनशील हैं। आर्द्रता का उच्च स्तर और मंद हवाओं के कारण कोहरा छंटने की संभावना फिलहाल कम है। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे घर से निकलने से पहले अपनी एयरलाइंस से संपर्क करें।" - मौसम अधिकारी
यातायात और जनजीवन पर प्रभाव
कोहरे का असर केवल आसमान तक सीमित नहीं है। दिल्ली की सड़कों पर भी विजिबिलिटी कम होने के कारण वाहनों की गति धीमी हो गई है। दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे और डीएनडी फ्लाईवे पर सुबह के समय विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम दर्ज की गई, जिसके चलते सड़क हादसों का खतरा बढ़ गया है। रेलवे ने भी उत्तर भारत की ओर आने वाली कई ट्रेनों के समय में बदलाव किया है।
प्रशासनिक कदम और विधिक निर्देश
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने सभी एयरलाइंस को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यात्रियों को समय पर सूचना उपलब्ध कराई जाए और हवाई अड्डे पर उनके खान-पान और विश्राम की समुचित व्यवस्था हो। नियमों के अनुसार, यदि देरी एक निश्चित सीमा से अधिक होती है, तो यात्रियों को रिफंड या वैकल्पिक उड़ान का विकल्प देना अनिवार्य है। दिल्ली पुलिस ने भी वाहन चालकों के लिए 'फॉग लाइट' के उपयोग और सुरक्षित दूरी बनाए रखने की एडवायजरी जारी की है।
कुदरत के आगे बेबस तकनीक
दिल्ली की यह स्थिति दर्शाती है कि आधुनिकतम तकनीक के बावजूद, प्रकृति का एक छोटा सा बदलाव पूरे देश की रसद और परिवहन श्रृंखला को हिला सकता है। 400 से अधिक उड़ानों का प्रभावित होना केवल एक सांख्यिकीय आंकड़ा नहीं है, बल्कि यह उन हजारों परिवारों और व्यापारिक कार्यों की परेशानी है जो आज इस धुंध में कैद हो गए हैं। आने वाले घंटों में यदि धूप खिलती है, तभी दिल्लीवासियों को इस सफेद अंधेरे से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

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