दिल्ली में अल नीनो का अलर्ट, इस बार गर्म रह सकती है दिल्ली की सर्दी, जानें प्रदूषण पर क्या पड़ेगा असर?
CEEW के 35 वर्षों के आंकड़ों के विश्लेषण के अनुसार अलनीनो के दौरान दिल्ली में सर्दियां गर्म रहने के बावजूद हवा की धीमी रफ्तार प्रदूषण बढ़ा सकती है।

दिल्ली में अलनीनो प्रभाव के दौरान धुंध और प्रदूषण के बीच सड़क पर चलते वाहनों का दृश्य।
दिल्ली और आसपास के इलाकों (NCR) में इस बार सर्दियों का मौसम कैसा रहेगा और हवा का मिज़ाज कैसा होगा, इसे लेकर स्थिति पूरी तरह साफ नहीं है। एक ताजा विश्लेषण से खुलासा हुआ है कि अल नीनो के प्रभाव के चलते इस बार दिल्ली में सर्दियां बहुत ज्यादा सख्त नहीं होंगी और मौसम अपेक्षाकृत गर्म रह सकता है। हालांकि, मौसम के थोड़े गर्म रहने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि लोगों को जहरीली हवा और प्रदूषण से राहत मिल जाएगी।
CEEW की रिसर्च: 35 सालों के आंकड़ों का विश्लेषण
काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वॉटर (CEEW) ने साल 1990 से 2024 तक, यानी पिछले 35 सालों के दौरान नवंबर से फरवरी के बीच पड़े शीतकाल के आंकड़ों का गहराई से अध्ययन किया है। रिसर्च टीम के सदस्य रफीउद्दीन के अनुसार, अल नीनो के दौरान तापमान में होने वाले बदलावों से भले ही कुछ हद तक प्रदूषण कम होने के संकेत मिलते हैं, लेकिन हवा की धीमी रफ्तार पूरी स्थिति को बिगाड़ भी सकती है।
अध्ययन के मुताबिक, अल नीनो के असर के कारण 1 नवंबर से 28 फरवरी के बीच लगभग 73 दिन तुलनात्मक रूप से गर्म रहते हैं। इससे ठंड से राहत पाने के लिए लकड़ियां या अन्य ईंधन जलाने की मजबूरी कम हो जाती है, जो कि पर्यावरण के लिहाज से अच्छी बात है।
रातें रहेंगी थोड़ी गर्म, पर हवा की रफ्तार बनेगी मुसीबत
रिसर्च में शाम 7 बजे से सुबह 9 बजे तक की अवधि का अध्ययन किया गया, जिससे पता चला कि अल नीनो के दौरान रात का औसत तापमान 0.3 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया जाता है। साथ ही नवंबर और दिसंबर के महीनों में वायुमंडल की सीमा परत की ऊंचाई भी औसतन 33.7 मीटर ज्यादा रहती है।
लेकिन असली चिंता हवा की गति को लेकर है। अल नीनो के दौरान दिनभर बहने वाली हवा की औसत रफ्तार 0.1 मीटर प्रति सेकंड कम पाई गई है। जब हवा धीमी पड़ जाती है, तो धुआं और हानिकारक प्रदूषक हवा में फैलकर बिखर नहीं पाते, बल्कि एक ही जगह जमने लगते हैं। इसी वजह से सर्दियों में प्रदूषण का खतरा बना रहता है।
'अर्बन' तूफान से बदला मौसम: 4 साल में अक्टूबर का सबसे ठंडा दिन
दूसरी ओर, 'अर्बन' तूफान के असर से गुरुवार को दिल्ली के मौसम ने अचानक मिजाज बदल लिया। घने काले बादलों और झमाझम बारिश के कारण दोपहर के समय ही सड़कों पर अंधेरा छा गया, जिससे वाहन चालकों को अपनी गाड़ियों की हेडलाइट्स जलानी पड़ीं। खराब मौसम को देखते हुए मौसम विभाग ने दोपहर में दिल्ली के लिए 'रेड अलर्ट' जारी किया था।
बारिश और बादलों के कारण राजधानी का अधिकतम तापमान गिरकर 25.4 डिग्री सेल्सियस पर आ गया, जो सामान्य से 5.6 डिग्री कम है। पिछले 4 सालों में अक्टूबर के महीने में दर्ज किया गया यह सबसे कम अधिकतम तापमान है। इससे पहले 8 अक्टूबर 2022 को अधिकतम तापमान 23.4 डिग्री रहा था। वहीं, न्यूनतम तापमान 19.2 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.5 डिग्री अधिक था।
दिनभर हुई बारिश और करवा चौथ का चांद
गुरुवार की शुरुआत ही घने बादलों और हल्की बूंदाबांदी के साथ हुई थी जो दोपहर तक और ज्यादा गहरी हो गई। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक शाम 5:30 बजे तक सफदरजंग में 5 मिमी और पालम में 1 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा लोदी रोड, रिज और आया नगर जैसे इलाकों में भी बूंदाबांदी हुई। मौसम के इस अचानक बिगड़े मिजाज और छाए बादलों के कारण शाम को करवा चौथ के मौके पर चांद देखने की उम्मीदों पर भी असर पड़ता दिखा।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
