कछार जिले में 4.2 तीव्रता का भूकंप, गुवाहाटी तक महसूस हुए झटके

असम के कई हिस्सों में बुधवार, 25 फरवरी 2026 की रात भूकंप के झटकों ने लोगों की नींद उड़ा दी। रात करीब 10:22 बजे आए इस मध्यम तीव्रता के भूकंप के कारण राज्य के विभिन्न जिलों में हलचल देखी गई। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.2 मापी गई है।

भूकंप का केंद्र और समय (Epicenter Details)

नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस भूकंप का मुख्य केंद्र असम के कछार (Cachar) जिले में स्थित था।

  • सटीक स्थान: कछार जिले के कनकपुर (Kanakpur) से लगभग 1 किलोमीटर की दूरी पर इसका केंद्र दर्ज किया गया।
  • समय: भारतीय समयानुसार रात 10:22 बजे झटके महसूस किए गए।
  • गहराई: वैज्ञानिक आंकड़ों के मुताबिक, भूकंप का केंद्र जमीन के भीतर सक्रिय सीस्मिक ज़ोन में स्थित था।


हाफलोंग और गुवाहाटी में भी कंपन

भूकंप का असर केवल कछार जिले तक ही सीमित नहीं रहा। असम की राजधानी गुवाहाटी और पहाड़ी जिले हाफलोंग में भी लोगों ने स्पष्ट रूप से कंपन महसूस किया।

  • हाफलोंग रिपोर्ट: शुरुआती अपुष्ट रिपोर्टों के अनुसार, हाफलोंग के पास भी लगभग 16:51 GMT (भारतीय समयानुसार रात 10:21 बजे के आसपास) जमीन हिलने की खबरें मिली हैं।
  • स्थानीय अनुभव: कई निवासियों ने बताया कि झटके कुछ सेकंड तक महसूस हुए, जिसके कारण लोग डर के मारे अपने घरों से बाहर निकल आए। अपार्टमेंट और ऊंची इमारतों में रहने वाले लोगों ने पंखों और फर्नीचर के हिलने की पुष्टि की है।

नुकसान का विवरण: वर्तमान स्थिति

राहत की बात यह है कि अभी तक राज्य के किसी भी हिस्से से जान-माल के बड़े नुकसान की कोई आधिकारिक सूचना प्राप्त नहीं हुई है।

  • इमारतों की स्थिति: कनकपुर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में पुरानी इमारतों में मामूली दरारें आने की खबरें सोशल मीडिया पर तैर रही हैं, लेकिन प्रशासन ने अभी तक इनकी पुष्टि नहीं की है।
  • हताहत: किसी भी व्यक्ति के घायल होने या मृत्यु की कोई खबर नहीं है।

प्रशासन की चेतावनी और अलर्ट

भूकंप के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग सक्रिय हो गए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भूकंप मध्यम श्रेणी का था, लेकिन सावधानी बरतना आवश्यक है।

  • आफ्टरशॉक्स (Aftershocks) का खतरा: विशेषज्ञों का कहना है कि मुख्य भूकंप के बाद छोटे झटके (आफ्टरशॉक्स) आने की संभावना रहती है। इसलिए, लोगों को अगले 24-48 घंटों तक सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
  • अफवाहों से बचें: पुलिस और जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैलने वाली किसी भी तरह की भ्रामक खबर या अफवाह पर विश्वास न करें।


असम और भूकंप का जोखिम (Seismic Zone V)

असम और पूरा उत्तर-पूर्व भारत दुनिया के सबसे अधिक भूकंप संवेदनशील क्षेत्रों (Seismic Zone V) में आता है। यहाँ भारतीय टेक्टोनिक प्लेट और यूरेशियन प्लेट के बीच होने वाली हलचल अक्सर भूकंप का कारण बनती है। कछार और हाफलोंग के पहाड़ी इलाकों में अक्सर छोटी और मध्यम तीव्रता के भूकंप दर्ज किए जाते हैं।

25 फरवरी 2026 की रात आया यह 4.2 तीव्रता का भूकंप एक बार फिर इस क्षेत्र की भौगोलिक संवेदनशीलता को दर्शाता है। हालांकि इस बार कोई बड़ी आपदा नहीं हुई, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के झटके बड़े भूकंप की चेतावनी भी हो सकते हैं। प्रशासन स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए है और रिस्पांस टीमें अलर्ट मोड पर हैं।

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