ठंड, कोहरा और बारिश का डबल अटैक: 10 जनवरी 2026 को 4 राज्यों में भारी वर्षा, 29 जिलों में शीतलहर का अलर्ट
IMD ने 10 जनवरी 2026 के लिए बड़ा मौसम अलर्ट जारी किया है। देश के चार राज्यों में भारी बारिश और 29 जिलों में शीतलहर की चेतावनी दी गई है। ठंड, कोहरा और गिरते तापमान से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। प्रशासन और नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

देशभर में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 10 जनवरी 2026 के लिए बड़ा अलर्ट जारी करते हुए बताया है कि देश के चार राज्यों में भारी बारिश की संभावना है, जबकि 29 जिलों में शीतलहर का प्रकोप लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकता है। उत्तर से लेकर दक्षिण और पूर्वी हिस्सों तक मौसम का यह बदला हुआ मिजाज जनजीवन पर सीधा असर डाल रहा है। ठंड, कोहरा, बारिश और गिरते तापमान ने पहले ही आम लोगों को सतर्क रहने पर मजबूर कर दिया है।
IMD के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ और सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण कई क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। खासकर तटीय और दक्षिणी राज्यों में भारी वर्षा का अनुमान जताया गया है। वहीं उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में ठंडी हवाओं और घने कोहरे के कारण तापमान में तेज गिरावट दर्ज की जा रही है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि यह स्थिति अगले 48 घंटों तक बनी रह सकती है।
उत्तर भारत के कई हिस्सों में शीतलहर ने लोगों की दिनचर्या को बुरी तरह प्रभावित किया है। सुबह और रात के समय तापमान सामान्य से कई डिग्री नीचे चला गया है। घना कोहरा सड़कों पर दृश्यता को कम कर रहा है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो रहा है। कई इलाकों में स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है, तो कहीं छुट्टियों की घोषणा भी की गई है। बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
वहीं, जिन चार राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, वहां प्रशासन ने पहले ही आपदा प्रबंधन टीमें अलर्ट मोड पर रख दी हैं। निचले इलाकों में जलभराव, फिसलन और यातायात बाधित होने की आशंका जताई जा रही है। किसानों के लिए भी यह मौसम चिंता का कारण बन सकता है, क्योंकि अचानक हुई बारिश फसलों को नुकसान पहुंचा सकती है। मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे खेतों में जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करें और मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखें।
IMD ने यह भी बताया है कि कुछ पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी की संभावना है, जिससे पर्यटन गतिविधियों पर असर पड़ सकता है। हालांकि, बर्फबारी से स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद भी जताई जा रही है, लेकिन साथ ही भूस्खलन और सड़क बंद होने जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं। प्रशासन ने यात्रियों को अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।
मौसम के इस अचानक बदले मिजाज का असर बाजारों, परिवहन और रोजमर्रा की गतिविधियों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। ठंड के कारण लोग घरों में रहने को मजबूर हैं, जबकि बारिश से कई जगहों पर जनजीवन थम सा गया है। अस्पतालों में सर्दी, खांसी और सांस से जुड़ी बीमारियों के मरीजों की संख्या में भी इजाफा देखा जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को गर्म कपड़े पहनने, पर्याप्त तरल पदार्थ लेने और ठंड से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है।
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के चलते ऐसे चरम मौसम की घटनाएं अब पहले से ज्यादा देखने को मिल रही हैं। कभी अचानक भारी बारिश तो कभी कड़ाके की ठंड, ये बदलाव न केवल आम जनता बल्कि प्रशासन के लिए भी चुनौती बनते जा रहे हैं। IMD लगातार सैटेलाइट और रडार के जरिए मौसम की निगरानी कर रहा है और समय-समय पर अपडेट जारी कर रहा है, ताकि लोग समय रहते सतर्क हो सकें।
10 जनवरी 2026 का यह मौसम अलर्ट केवल एक चेतावनी नहीं, बल्कि आने वाले दिनों के लिए एक संकेत भी है कि प्रकृति के बदलते तेवरों को अब गंभीरता से लेने की जरूरत है। चाहे वह बारिश से निपटने की तैयारी हो या शीतलहर से बचाव के उपाय, सतर्कता ही सबसे बड़ा हथियार है। IMD ने साफ कहा है कि लोग अफवाहों से दूर रहें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें।
इस बदलते मौसम के बीच सबसे जरूरी है सावधानी, जागरूकता और सामूहिक जिम्मेदारी। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि प्रशासन और आम जनता इस चुनौती का सामना किस तरह करते हैं।

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