हल्की गर्माहट के बीच ‘पुअर’ AQI ने बढ़ाई चिंता

नई दिल्ली।

फरवरी का दूसरा सप्ताह दिल्लीवासियों के लिए मौसम के लिहाज़ से राहत भरा जरूर नजर आ रहा है, लेकिन हवा की सेहत अब भी सवालों के घेरे में है। 11 फरवरी 2026 को राजधानी दिल्ली-NCR में सुबह के समय हल्की धुंध और ठंडक देखने को मिली, जबकि दिन चढ़ने के साथ मौसम साफ और हल्का गर्म हो गया। हालांकि, तापमान संतुलित रहने के बावजूद वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) ‘पुअर’ श्रेणी में बना हुआ है, जिससे आम लोगों की परेशानी कम नहीं हुई है।

सुबह धुंध, दिन में खिली धूप

मौसम विभाग के अनुसार, 11 फरवरी को दिल्ली में मौसम शुष्क और स्थिर रहने की संभावना है। सुबह के वक्त हल्की धुंध के कारण दृश्यता थोड़ी कम रही, लेकिन जैसे-जैसे सूरज ऊपर चढ़ा, आसमान साफ होता चला गया।

आज का अनुमानित तापमान:

  • अधिकतम तापमान: 25 से 26 डिग्री सेल्सियस
  • न्यूनतम तापमान: 10 से 12 डिग्री सेल्सियस

दिन के समय हल्की गर्माहट महसूस की गई, जो फरवरी के सामान्य मौसम के अनुरूप है। शाम ढलते ही एक बार फिर हल्की ठंडक लौटने की संभावना जताई गई है।

AQI ने फिर किया निराश

जहां एक ओर मौसम राहत देता नजर आ रहा है, वहीं दूसरी ओर दिल्ली की हवा अब भी ‘स्वस्थ’ होने से कोसों दूर है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, 11 फरवरी को राजधानी का औसत AQI 260 से 270 के बीच दर्ज किया गया।

AQI की स्थिति:

  • श्रेणी: पुअर (Poor)
  • कुछ इलाकों में: वेरी पुअर (Very Poor)
  • सुबह और रात: प्रदूषण अधिक गंभीर

कम हवा की गति और ठंडी रातों के कारण प्रदूषक कण वातावरण में ही फंसे हुए हैं, जिससे हवा साफ नहीं हो पा रही।

कौन-से इलाके ज्यादा प्रभावित?

दिल्ली के कई हिस्सों में प्रदूषण का स्तर औसत से अधिक दर्ज किया गया।

अधिक प्रभावित क्षेत्र:

  • आनंद विहार
  • वजीरपुर
  • रोहिणी
  • अशोक विहार
  • जहांगीरपुरी

इन इलाकों में AQI कई बार 300 के करीब पहुंचता देखा गया, जो संवेदनशील लोगों के लिए गंभीर स्थिति मानी जाती है।

स्वास्थ्य पर पड़ रहा असर

विशेषज्ञों का कहना है कि ‘पुअर’ AQI भले ही आपात स्थिति न हो, लेकिन इसका लंबे समय तक संपर्क स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह:

  • बच्चों और बुजुर्गों को सुबह की सैर से बचना चाहिए
  • अस्थमा और सांस के मरीज मास्क का प्रयोग करें
  • खुले में भारी व्यायाम न करें
  • घर के अंदर एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल फायदेमंद

डॉक्टरों के मुताबिक, आंखों में जलन, गले में खराश और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण आम हो सकते हैं।

प्रदूषण की वजहें क्या हैं?

दिल्ली में प्रदूषण का यह स्तर कई कारणों से बना हुआ है।

प्रमुख कारण:

  • वाहनों से निकलने वाला धुआं
  • निर्माण कार्यों से उड़ती धूल
  • ठंडी हवा और कम वेंटिलेशन
  • आसपास के राज्यों से आने वाला प्रदूषण

हालांकि पराली जलाने का असर अब कम हो चुका है, लेकिन शहरी गतिविधियां अभी भी बड़ी वजह बनी हुई हैं।

आगे कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विभाग का अनुमान है कि मध्य फरवरी तक मौसम में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। न तो बारिश की उम्मीद है और न ही किसी सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव।

आगामी दिनों का संकेत:

  • मौसम रहेगा शुष्क
  • तापमान में हल्की बढ़ोतरी संभव
  • AQI में मामूली उतार-चढ़ाव, लेकिन बड़ी राहत नहीं

विशेषज्ञों के अनुसार, जब तक तेज हवाएं या बारिश नहीं होती, तब तक प्रदूषण से स्थायी राहत मिलना मुश्किल है।

प्रशासन की तैयारी

दिल्ली सरकार और संबंधित एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। जरूरत पड़ने पर GRAP (ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान) के तहत कड़े कदम उठाए जा सकते हैं, हालांकि फिलहाल कोई नई पाबंदी लागू नहीं की गई है।


दिल्ली-NCR का मौसम जहां लोगों को सर्दी से राहत देता नजर आ रहा है, वहीं हवा की खराब गुणवत्ता अब भी चिंता का विषय बनी हुई है। साफ आसमान और हल्की धूप के बावजूद, प्रदूषण ने यह साफ कर दिया है कि मौसम सुहावना होना और हवा का स्वस्थ होना—दो अलग बातें हैं। आने वाले दिनों में अगर मौसम का मिज़ाज नहीं बदला, तो दिल्लीवासियों को सावधानी के साथ ही इस दौर से गुजरना होगा।

Pratahkal Hub

Pratahkal Hub

प्रातःकाल हब, दै.प्रातःकाल की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रातःकाल हब राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।"

Next Story