दिल्ली की हवा में आज थोड़ी राहत जरूर महसूस की जा रही है, लेकिन पूरी तरह से सुधार अभी बाकी है। राजधानी का वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी AQI औसतन 200 से 250 के बीच दर्ज किया गया है। यह स्तर ‘खराब’ श्रेणी में आता है। पहले जहां हालात ‘बहुत खराब’ श्रेणी में थे, वहीं अब हल्का सुधार देखने को मिला है।

हालांकि यह राहत पूरी तरह संतोषजनक नहीं है, क्योंकि ‘खराब’ श्रेणी भी स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित नहीं मानी जाती। विशेषज्ञों का कहना है कि संवेदनशील लोगों को अभी भी सावधानी बरतने की जरूरत है।

AQI क्या बताता है?

  • AQI यानी एयर क्वालिटी इंडेक्स हवा में मौजूद प्रदूषकों की मात्रा को दर्शाता है। यह 0 से 500 के पैमाने पर मापा जाता है।
  • 0 से 50 तक का स्तर अच्छा माना जाता है, जबकि 200 से ऊपर का स्तर स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।
  • दिल्ली में आज दर्ज किया गया 200 से 250 का स्तर बताता है कि हवा की गुणवत्ता अभी भी ठीक नहीं है।

सुधार का कारण क्या है?

  • पिछले 24 घंटों में चली तेज दक्षिण-पश्चिमी हवाओं ने प्रदूषकों को फैलाने और बिखेरने में मदद की है। इन हवाओं के कारण हवा में मौजूद धूल और धुआं कुछ हद तक कम हुआ है।
  • मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, हवा की रफ्तार बढ़ने से प्रदूषण के कण एक जगह जमा नहीं हो पाते। यही वजह है कि AQI ‘बहुत खराब’ से घटकर ‘खराब’ श्रेणी में आ गया है।
  • हालांकि अगर हवा की रफ्तार कम हुई या मौसम फिर से स्थिर हुआ, तो प्रदूषण का स्तर दोबारा बढ़ सकता है।

किन इलाकों में हालात ज्यादा खराब?

दिल्ली के कुछ इलाके अभी भी प्रदूषण की मार झेल रहे हैं। वजीरपुर, बवाना और जहांगीरपुरी जैसे क्षेत्रों में AQI का स्तर 300 के करीब बना हुआ है। यह स्तर ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। इन इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। सुबह और शाम के समय प्रदूषण ज्यादा रहता है, इसलिए अनावश्यक बाहर निकलने से बचना बेहतर है।

किन लोगों को ज्यादा खतरा?

डॉक्टरों का कहना है कि बुजुर्ग, बच्चे और सांस की बीमारी से पीड़ित लोग प्रदूषण से ज्यादा प्रभावित होते हैं।

सुबह की सैर करने वालों को सलाह दी गई है कि वे AQI का स्तर देखकर ही बाहर निकलें। अगर संभव हो तो मास्क का उपयोग करें।

स्कूल जाने वाले बच्चों को भी प्रदूषण से बचाव के लिए सावधानी बरतनी चाहिए।

क्या कहता है मौसम विभाग?

मौसम विभाग के अनुसार, अगर हवाएं इसी तरह चलती रहीं तो अगले कुछ दिनों में AQI में और सुधार हो सकता है। लेकिन अगर हवा की दिशा बदलती है या गति कम होती है, तो स्थिति फिर बिगड़ सकती है।

इस समय दिल्ली में मौसम शुष्क है और बारिश की संभावना कम है। बारिश होने पर प्रदूषण में और गिरावट आ सकती है।


सरकार और प्रशासन की भूमिका

प्रदूषण कम करने के लिए प्रशासन समय-समय पर कई कदम उठाता है। निर्माण कार्यों पर निगरानी, सड़कों पर पानी का छिड़काव और वाहनों की जांच जैसे उपाय किए जाते हैं।

हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि केवल सरकारी प्रयास काफी नहीं हैं। आम लोगों को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।

लोग क्या कर सकते हैं?

• सार्वजनिक परिवहन का उपयोग बढ़ाएं।

• अनावश्यक वाहन चलाने से बचें।

• घर के अंदर एयर प्यूरीफायर या पौधों का इस्तेमाल करें।

• कचरा जलाने से बचें।

छोटे-छोटे कदम मिलकर बड़ा बदलाव ला सकते हैं।

राहत की सांस, लेकिन अभी लंबा सफर बाकी

दिल्ली की हवा में आज थोड़ा सुधार जरूर हुआ है। AQI ‘बहुत खराब’ से घटकर ‘खराब’ श्रेणी में आ गया है, जो एक सकारात्मक संकेत है। तेज हवाओं ने प्रदूषण कम करने में मदद की है।

लेकिन यह राहत पूरी नहीं है। कई इलाकों में AQI अभी भी 300 के करीब है। इसलिए सावधानी जरूरी है।

साफ हवा का सपना तभी पूरा होगा जब मौसम के साथ-साथ हमारी सोच भी बदले। जिम्मेदारी से कदम उठाएं, जागरूक बनें और दूसरों को भी जागरूक करें। तभी दिल्ली सच में खुलकर सांस ले पाएगी।

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