दिल्ली में गर्मी का सितम: धूल भरी धुंध के बीच चढ़ता पारा और मौसम विभाग का अलर्ट
दिल्ली में अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुँचा, शुष्क मौसम और तेज धूप के कारण आने वाले दिनों में और बढ़ेगी तपिश।

दिल्ली के आसमान पर छाई धुंध और ऊँची इमारतों के बीच बढ़ते तापमान का दृश्य, जो राजधानी में गर्मी के आगमन को दर्शाता है।
देश की राजधानी दिल्ली में अप्रैल के महीने ने अपनी तपिश दिखाना शुरू कर दिया है। जैसे-जैसे दिन बीत रहे हैं, सूरज के तेवर तीखे होते जा रहे हैं और दिल्लीवासी भीषण गर्मी की चपेट में आने लगे हैं। मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों और पूर्वानुमान के अनुसार, दिल्ली के आसमान पर वर्तमान में धूल और धुएं की एक हल्की चादर यानी 'हेज' छाई हुई है, जो न केवल दृश्यता को प्रभावित कर रही है बल्कि वातावरण में उमस और बेचैनी को भी बढ़ा रही है। शनिवार सुबह से ही राजधानी के विभिन्न हिस्सों में धुंधलापन देखा गया, जो दोपहर होते-होते तेज धूप के साथ मिलकर एक दमघोंटू स्थिति पैदा करने लगा।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि वर्तमान में दिल्ली का अधिकतम तापमान 34 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा है, जबकि न्यूनतम तापमान 20 से 22 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। हालांकि ये आंकड़े सुनने में सामान्य लग सकते हैं, लेकिन हवा में मौजूद धूल के कणों और शुष्क पश्चिमी हवाओं के कारण महसूस होने वाली गर्मी यानी 'फील लाइक' तापमान इससे कहीं अधिक है। दिल्ली की सड़कों पर दोपहर के समय सन्नाटा पसरने लगा है और लोग गर्मी से बचने के लिए छायादार स्थानों और शीतल पेयों का सहारा ले रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, अप्रैल माह में दिल्ली का तापमान सामान्यतः 36 से 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। इस वर्ष भी मौसम का मिजाज कुछ वैसा ही बना हुआ है। आने वाले दिनों में किसी भी प्रकार की वर्षा या पश्चिमी विक्षोभ की संभावना बहुत कम है, जिसका सीधा अर्थ है कि गर्मी और लू का प्रकोप अभी और बढ़ेगा। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि आसमान साफ रहने और तेज धूप के कारण आने वाले सप्ताह में पारा 40 डिग्री के आंकड़े को छू सकता है। शुष्क मौसम के कारण वातावरण में नमी की कमी बनी रहेगी, जो स्वास्थ्य के लिहाज से भी चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
प्रशासनिक और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस बदलती मौसमी स्थिति को लेकर नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विशेषकर दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच, जब सूरज की किरणें सबसे सीधी और तीखी होती हैं, अनावश्यक बाहर निकलने से बचने को कहा गया है। साथ ही, शरीर में पानी की कमी न होने देने और सूती कपड़ों का प्रयोग करने की हिदायत दी जा रही है। दिल्ली के प्रदूषण स्तर में भी इस धुंध के कारण मामूली उतार-चढ़ाव देखा गया है, जो सांस के रोगियों के लिए परेशानी का सबब बन सकता है।
दिल्ली इस समय एक गंभीर मौसमी बदलाव के दौर से गुजर रही है। जहां एक ओर तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है, वहीं दूसरी ओर बारिश की अनुपस्थिति ने स्थिति को और अधिक शुष्क बना दिया है। आने वाले दिनों में राहत की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है, और राजधानी वासियों को एक लंबे और तपते हुए ग्रीष्मकाल के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार रहना होगा। प्रकृति का यह बदलता स्वरूप एक बार फिर बढ़ते शहरीकरण और जलवायु परिवर्तन की ओर इशारा कर रहा है।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
