राजधानी दिल्ली और एनसीआर के निवासी इन दिनों भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों का सामना कर रहे हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, आज 16 मई 2026 को दिल्ली के आसमान में बादलों की लुका-छिपी देखने को मिल सकती है, जिससे तापमान में मामूली गिरावट की उम्मीद है। हालांकि, यह राहत केवल क्षणिक साबित होने वाली है क्योंकि आने वाले दिनों में पारा एक बार फिर रिकॉर्ड स्तर को छूने की ओर अग्रसर है। शुष्क मौसम और उत्तर-पश्चिमी हवाओं के प्रभाव के कारण दोपहर के समय लू (Heat Wave) का प्रकोप जारी रहेगा, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की पूरी संभावना बनी हुई है।

मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि आज शाम को दिल्ली-एनसीआर के कुछ हिस्सों में तेज गति से धूलभरी हवाएं चल सकती हैं। इन हवाओं की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा रहने की संभावना है, जिससे विजिबिलिटी में कमी आ सकती है और वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। हालांकि, इन हवाओं के साथ बारिश की कोई विशेष संभावना नहीं जताई गई है, जिससे उमस और शुष्क गर्मी का मिला-जुला असर लोगों को परेशान करेगा। वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में भी धूल के कणों के कारण गिरावट देखी जा सकती है, जो स्वास्थ्य के लिहाज से संवेदनशील समूहों के लिए चिंता का विषय है।

सरकारी और स्वास्थ्य विभाग ने इस बढ़ती तपिश को देखते हुए एडवाइजरी जारी की है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच सीधे धूप में निकलने से बचें और शरीर में पानी की कमी न होने दें। विशेषकर बुजुर्गों और बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। दिल्ली की सड़कों पर बढ़ते तापमान के कारण दोपहर के समय सन्नाटा पसरा नजर आता है, वहीं ठंडे पेय पदार्थों और एयर कंडीशनिंग की मांग में भारी उछाल देखा जा रहा है। बिजली विभाग ने भी लोड बढ़ने के कारण ग्रिड पर दबाव की चेतावनी दी है।

मई का महीना दिल्ली के लिए ऐतिहासिक रूप से सबसे गर्म महीनों में से एक रहा है, और इस वर्ष भी जलवायु परिवर्तन के प्रभाव स्पष्ट रूप से देखे जा रहे हैं। यदि मानसून पूर्व की गतिविधियां सक्रिय नहीं होती हैं, तो आने वाले सप्ताह में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है। फिलहाल, दिल्लीवासियों को मौसम के इस कड़े मिजाज के बीच खुद को सुरक्षित रखने के लिए कड़े जतन करने होंगे। प्रशासन ने प्याऊ और सार्वजनिक स्थानों पर छाया की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं ताकि राहगीरों को कुछ राहत मिल सके।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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