नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में मौसम के मिजाज ने अब तल्ख तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। अप्रैल के महीने में ही सूर्य देव की तपिश ने दिल्लीवासियों का जीना मुहाल कर दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा रिपोर्ट के अनुसार, 22 अप्रैल 2026 को दिल्ली में गर्मी का प्रकोप अपने चरम पर रहने की संभावना है, जहां अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।

राजधानी के आसमान में छाई धुंध छंट चुकी है और अब साफ आसमान के साथ सूरज की सीधी किरणें धरती को तपा रही हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले 24 घंटों में दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों में 'हीटवेव' यानी लू की स्थिति गंभीर रूप ले सकती है। सुबह 11 बजे के बाद से ही गर्म हवाएं (पछुआ पवनें) चलना शुरू हो जाएंगी, जो दोपहर होते-होते झुलसाने वाली लू में तब्दील हो सकती हैं। यह स्थिति विशेष रूप से उन लोगों के लिए चुनौतीपूर्ण है जो खुले आसमान के नीचे काम करते हैं या जिन्हें लंबी दूरी की यात्रा करनी पड़ती है।

प्रशासनिक और आधिकारिक दृष्टिकोण से देखें तो स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए हैं। हीटवेव के खतरे को देखते हुए बुजुर्गों, बच्चों और गर्भवती महिलाओं को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच घर के अंदर रहने की सलाह दी गई है। अस्पतालों को गर्मी से संबंधित बीमारियों जैसे हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के मामलों के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया गया है। दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जल बोर्ड भी अलर्ट पर है, क्योंकि तापमान बढ़ने के साथ ही मांग में भी भारी उछाल देखा गया है।

इस बदलते मौसम का प्रभाव केवल स्वास्थ्य पर ही नहीं, बल्कि कृषि और बिजली की खपत पर भी पड़ रहा है। लगातार बढ़ते तापमान के कारण दिल्ली में बिजली की 'पीक डिमांड' अपने पिछले रिकॉर्ड्स के करीब पहुंच रही है। ग्रामीण इलाकों में फसलों को बचाने के लिए किसानों को सिंचाई के अतिरिक्त इंतजाम करने पड़ रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन और शहरीकरण की वजह से 'अर्बन हीट आइलैंड' का प्रभाव दिल्ली में अधिक महसूस हो रहा है, जिसके कारण कंक्रीट के जंगल रात के समय भी ठंडे नहीं हो पा रहे हैं। इस संकट की घड़ी में जनता से अपील की गई है कि वे पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन करें और हल्के सूती वस्त्रों का प्रयोग करें। आने वाले कुछ दिनों तक राहत के आसार कम ही नजर आ रहे हैं, ऐसे में सावधानी ही इस भीषण गर्मी से बचाव का एकमात्र सशक्त माध्यम है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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