राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों (NCR) में सूर्यदेव का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। मई का महीना अपने चरम पर पहुंचते ही दिल्ली-NCR भीषण गर्मी और जानलेवा लू (हीटवेव) की चपेट में आ चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 19 मई को लेकर बेहद गंभीर चेतावनी जारी की है, जिसके तहत दिल्ली के कई इलाकों में पारा रिकॉर्ड स्तर को छू सकता है। सुबह की शुरुआत से ही चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगा है और ऐसा लग रहा है मानो आसमान से सीधे आग के गोले बरस रहे हों। मौसम के इस बदलते तेवर ने आम जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है।

मौसम वैज्ञानिकों के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, आज दिल्ली और उसके आसपास के सैटेलाइट शहरों जैसे नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस से लेकर 45 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा सकता है। दिन के समय आसमान पूरी तरह से साफ रहेगा, जिससे सूरज की किरणें सीधे धरती पर पड़ेंगी और गर्मी का असर दोगुना महसूस होगा। सबसे ज्यादा चिंता की बात दिनभर चलने वाली तेज और झुलसाने वाली पछुआ हवाएं हैं, जिन्हें स्थानीय भाषा में 'लू' कहा जाता है। ये गर्म हवाएं त्वचा को झुलसाने वाली हैं और दोपहर के समय इनका वेग और अधिक बढ़ने की आशंका जताई गई है, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।

इस भीषण मौसमी संकट को देखते हुए मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन ने आम जनता के लिए स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक गाइडलाइन और एडवाइजरी जारी की है। डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने विशेष रूप से दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच बिना किसी बेहद जरूरी काम के घरों या दफ्तरों से बाहर न निकलने की सख्त हिदायत दी है। इस समयावधि में पराबैंगनी किरणें और गर्मी का प्रभाव सबसे घातक होता है, जिससे हीट स्ट्रोक (लू लगना), डिहाइड्रेशन, तेज सिरदर्द और उल्टी जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं अचानक उत्पन्न हो सकती हैं। प्रशासन ने कामकाजी लोगों, विशेषकर फील्ड में काम करने वाले मजदूरों, डिलीवरी बॉयज और रेहड़ी-पटरी वालों को लगातार पानी पीने, ओआरएस का घोल साथ रखने और सिर को सूती कपड़े या टोपी से ढककर रखने की सलाह दी है।

मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक इस भीषण गर्मी से राहत मिलने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं। पश्चिमी विक्षोभ की अनुपस्थिति और शुष्क उत्तर-पश्चिमी हवाओं के लगातार प्रवाह के कारण मैदानी इलाकों में तापमान का ग्राफ तेजी से ऊपर चढ़ रहा है। बिजली और पानी की बढ़ती मांग ने भी स्थानीय प्रशासन की चिंताएं बढ़ा दी हैं, क्योंकि अत्यधिक गर्मी के कारण ट्रांसफार्मरों पर लोड बढ़ गया है। इस प्राकृतिक चुनौती ने न केवल लोगों की शारीरिक क्षमता की परीक्षा ली है, बल्कि शहरी बुनियादी ढांचे पर भी भारी दबाव डाल दिया है। आने वाले चौबीस घंटे दिल्ली-NCR के निवासियों के लिए बेहद सतर्क रहने और अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखने के होंगे।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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