नई दिल्ली, 10 मार्च २०२६

दिल्ली में समय से पहले गर्मी का प्रहार

दिल्ली और आसपास के इलाकों में इस बार कुदरत के तेवर कुछ बदले-बदले नजर आ रहे हैं। जिस मार्च के महीने में लोग हल्की गुलाबी ठंड की विदाई और खुशनुमा मौसम का लुत्फ उठाते थे, वहां आज पसीने छुड़ाने वाली गर्मी ने दस्तक दे दी है। दिल्ली का अधिकतम तापमान सामान्य से काफी ऊपर दर्ज किया जा रहा है, जिससे ऐसा महसूस हो रहा है मानो अप्रैल या मई का महीना चल रहा हो।

मार्च में ही 38°C का टॉर्चर

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में मार्च के पहले 10 दिनों में ही अधिकतम तापमान 35°C की सीमा को पार कर चुका है। आज, यानी 10 मार्च को पारा 36°C से 38°C के बीच रहने का अनुमान है। यह स्थिति सामान्य से लगभग 5°C अधिक है। विशेषज्ञों का कहना है कि पहाड़ों से आने वाली ठंडी हवाओं के रुकने और आसमान के बिल्कुल साफ रहने की वजह से सूरज की किरणें सीधे धरती पर पड़ रही हैं, जिससे धरती जल्दी गर्म हो रही है।

सुबह 10 बजे से ही धूप में इतनी तेजी महसूस होने लगती है कि सड़कों पर निकलने वाले लोगों को छाते और चश्मों का सहारा लेना पड़ रहा है। दोपहर के समय लू जैसे हालात तो नहीं हैं, लेकिन गर्म हवाओं ने लोगों की मुश्किल बढ़ा दी है।

क्यों बढ़ रहा है अचानक तापमान?

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस बार उत्तर-पश्चिम भारत में किसी मजबूत वेदर सिस्टम के न होने के कारण गर्मी का असर जल्दी दिखने लगा है। आमतौर पर इस समय होने वाली हल्की बूंदाबांदी तापमान को नियंत्रित रखती थी, लेकिन इस साल शुष्क मौसम ने गर्मी को बढ़ावा दिया है।

लगातार बढ़ते तापमान का असर दिल्ली की बिजली की खपत पर भी दिखने लगा है। मार्च के महीने में ही कई घरों और दफ्तरों में एयर कंडीशनर (AC) और कूलर चलने शुरू हो गए हैं। डॉक्टरों का कहना है कि अचानक बढ़ी इस गर्मी से सेहत का ख्याल रखना जरूरी है, क्योंकि सुबह और रात के तापमान में अब भी अंतर है, जिससे वायरल बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।

12 मार्च के बाद राहत की उम्मीद: पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance)

दिल्लीवासियों के लिए राहत की एक खबर भी सामने आ रही है। मौसम विभाग ने भविष्यवाणी की है कि 12 मार्च के आसपास एक नया 'पश्चिमी विक्षोभ' (Western Disturbance) सक्रिय हो सकता है। इसके प्रभाव से उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में ठंडी हवाएं चलने की संभावना है।

12 मार्च की शाम से दिल्ली के आसमान में हल्के बादल छा सकते हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि बादलों की आवाजाही और हवा की दिशा बदलने से बढ़ते हुए पारे पर लगाम लगेगी और तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट दर्ज की जा सकती है। हालांकि, भारी बारिश के आसार अभी कम हैं, लेकिन बादलों की वजह से धूप की तपिश कम होगी जिससे लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिलेगी।

विशेषज्ञों की सलाह और बचाव

चूंकि तापमान 38°C तक जा रहा है, इसलिए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कुछ जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है:

  • हाइड्रेटेड रहें: दिनभर में पर्याप्त पानी पिएं। नारियल पानी, नींबू पानी और ताजे फलों के रस का सेवन करें।
  • धूप से बचाव: दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच यदि बहुत जरूरी न हो, तो सीधे धूप में निकलने से बचें।
  • सही खान-पान: इस मौसम में हल्का और सुपाच्य भोजन करें। ज्यादा तला-भुना खाने से बचें क्योंकि गर्मी में पाचन क्रिया थोड़ी धीमी हो जाती है।

दिल्ली का मौसम जिस तेजी से बदल रहा है, वह ग्लोबल वार्मिंग और बदलती जलवायु की ओर भी इशारा कर रहा है। फिलहाल, 12 मार्च तक दिल्लीवालों को इस तपिश का सामना करना होगा। अब सबकी नजरें आसमान पर टिकी हैं कि कब पश्चिमी विक्षोभ आए और इस समय से पहले आई गर्मी से थोड़ी निजात दिलाए।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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