राजधानी दिल्ली में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप अपने चरम पर पहुंच गया है, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित नजर आ रहा है। अप्रैल के अंतिम सप्ताह में सूर्य की तपिश ने बीते कई वर्षों के रिकॉर्ड की ओर बढ़ना शुरू कर दिया है। आज, 26 अप्रैल 2026 को सुबह से ही सूरज के तीखे तेवरों ने राजधानी को अपनी चपेट में ले लिया है। दोपहर होते-होते सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगा है और लोग गर्मी से बचने के लिए हर संभव उपाय खोज रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार, आज का दिन इस सीजन के सबसे गर्म दिनों में से एक दर्ज किया जा सकता है, जहां लू के थपेड़ों ने बाहर निकलने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिल्ली का अधिकतम तापमान आज 41 से 43 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहेगा। सुबह से ही गर्म हवाओं (लू) का असर दिखना शुरू हो गया है, जिससे तापमान में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह स्थिति उत्तर-पश्चिम भारत से आने वाली गर्म और शुष्क हवाओं के कारण बनी हुई है। आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने के बावजूद, जमीन पर पड़ने वाली गर्मी का प्रभाव कम नहीं हो रहा है, बल्कि उमस ने बेचैनी और बढ़ा दी है।

हालांकि, तपती दोपहर के बाद दिल्लीवालों के लिए राहत की एक किरण भी दिखाई दे रही है। मौसम विभाग (IMD) ने पूर्वानुमान जारी किया है कि दोपहर बाद या शाम के समय मौसम के मिजाज में अचानक बदलाव आ सकता है। दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज धूलभरी हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही, स्थानीय स्तर पर बादलों के विकसित होने से हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने के भी आसार हैं। यदि यह स्थिति बनती है, तो रात के तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे पिछले कई दिनों से जारी भीषण गर्मी से कुछ समय के लिए राहत मिलेगी।

प्रशासनिक स्तर पर, स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ते तापमान को देखते हुए 'हीटवेव' से बचने के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। डॉक्टरों का परामर्श है कि लोग दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें और शरीर में पानी की कमी न होने दें। विशेषकर बुजुर्गों और बच्चों के लिए यह मौसम अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है। सरकारी अस्पतालों को भी गर्मी से संबंधित बीमारियों के लिए अलर्ट पर रखा गया है। इसके अतिरिक्त, तेज हवाओं और आंधी की संभावना को देखते हुए बिजली विभाग को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि पेड़ों के गिरने या शॉर्ट सर्किट जैसी स्थितियों से तुरंत निपटा जा सके।

अंततः, दिल्ली का यह मौसम बदलते जलवायु परिवेश की एक गंभीर चेतावनी भी है। जहां एक ओर भीषण गर्मी जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर रही है, वहीं दूसरी ओर अचानक आने वाले आंधी-तूफान शहरी बुनियादी ढांचे के लिए चुनौती पेश करते हैं। शाम की संभावित बारिश भले ही तात्कालिक राहत दे, लेकिन आने वाले दिनों में गर्मी के तेवर और कड़े होने के संकेत मिल रहे हैं।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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