भीषण गर्मी का हाई अलर्ट! दिल्ली-एनसीआर में लू के थपेड़े और धूल का गुबार|
मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर में लू और धूलभरी आंधी की चेतावनी जारी की, तापमान बढ़ने से बढ़ेंगी मुश्किलें।

दिल्ली में मौसम का मिजाज बदला; हीटवेव और धूलभरी हवाओं के बीच हल्की बारिश की संभावना।
नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों में मौसम एक बार फिर करवट ले रहा है। चिलचिलाती धूप और बढ़ते तापमान ने दिल्लीवासियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा अनुमानों के अनुसार, राजधानी में गर्मी का प्रकोप अब और भीषण होने वाला है। दिल्ली-एनसीआर के आसमान से बरसती आग और गर्म हवाओं के थपेड़ों ने मई महीने की शुरुआत में ही जून जैसी तपिश का अहसास कराना शुरू कर दिया है।
मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, आज दिल्ली का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। हालांकि, यह केवल एक आंकड़ा है, क्योंकि वातावरण में मौजूद नमी और लू (हीटवेव) के कारण महसूस होने वाली गर्मी यानी 'फील लाइक' टेम्परेचर इससे कहीं अधिक दर्ज किया जा सकता है। दिल्ली के मानक वेधशाला सफदरजंग के साथ-साथ मुंगेशपुर और नजफगढ़ जैसे इलाकों में तापमान सामान्य से तीन से चार डिग्री अधिक रहने का अनुमान है।
तापमान में इस उछाल के साथ-साथ दिल्ली के आसमान में धूलभरी हवाओं का भी अलर्ट जारी किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि राजस्थान की ओर से आने वाली गर्म और शुष्क हवाएं दिल्ली के वातावरण में धूल की चादर बिछा सकती हैं। इससे न केवल दृश्यता (Visibility) प्रभावित होगी, बल्कि वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में भी गिरावट आने की आशंका है। सांस के मरीजों और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति चुनौतीपूर्ण हो सकती है, क्योंकि हवा में मौजूद धूल के कण स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां पैदा कर सकते हैं।
विभाग ने विशेष रूप से दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। यह वह समय है जब सूरज की किरणें सबसे तीखी होती हैं और हीटवेव का असर अपने चरम पर होता है। राहत की बात केवल इतनी है कि विभाग ने अगले 48 घंटों के भीतर कुछ चुनिंदा इलाकों में हल्की बूंदाबांदी और तेज हवाओं की संभावना जताई है। हालांकि, यह राहत क्षणिक होगी और इससे उमस बढ़ने के भी आसार हैं।
प्रशासनिक स्तर पर भी हीटवेव को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। दिल्ली के सरकारी अस्पतालों को हीट स्ट्रोक के मरीजों के लिए विशेष इंतजाम रखने के निर्देश दिए गए हैं। निर्माण कार्यों में लगे मजदूरों और बाहरी काम करने वाले कर्मचारियों के लिए पीने के पानी और ओआरएस (ORS) की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है।
मौसम में आ रहा यह बदलाव जलवायु परिवर्तन के उन गंभीर संकेतों की ओर इशारा करता है, जो पिछले कुछ वर्षों से उत्तर भारत में लगातार देखे जा रहे हैं। मई के मध्य में ही तापमान का 40 डिग्री के पार जाना और लू का चलना आने वाले हफ्तों के लिए एक चेतावनी है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन करें और खुद को सीधे धूप के संपर्क में आने से बचाएं। दिल्ली के लिए आने वाले कुछ दिन अग्निपरीक्षा जैसे होने वाले हैं, जहां प्रकृति की तपिश और धूलभरी हवाएं जनजीवन को प्रभावित करेंगी।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
