देश की राजधानी दिल्ली में भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप के बीच मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। गुरुवार को दिल्लीवासियों ने इस सीजन के सबसे गर्म दिन का सामना किया, जहां पारा सामान्य से ऊपर जाकर 40.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। उमस और लू के थपेड़ों से बेहाल राजधानी के लिए अब राहत और चेतावनी दोनों एक साथ आई हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) ने दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में अगले कुछ घंटों के भीतर मध्यम दर्जे की बारिश और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज आंधी का पूर्वानुमान जताते हुए 'येलो अलर्ट' जारी किया है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में मई माह का अब तक का उच्चतम तापमान दर्ज किया गया है। सफदरजंग वेधशाला ने न्यूनतम तापमान 23.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया, जबकि अधिकतम तापमान ने 40 डिग्री की दहलीज को पार कर लिया। आसमान पूरी तरह साफ होने और सीधी धूप के कारण हीटवेव जैसी स्थिति बन गई थी। हालांकि, शुक्रवार सुबह से ही आसमान में आंशिक रूप से बादलों की आवाजाही देखी गई, जिससे तापमान में मामूली गिरावट की उम्मीद जगी है, लेकिन उमस ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

एनडीएमए द्वारा जारी किए गए ताजा बुलेटिन के अनुसार, वायुमंडल में बने दबाव के क्षेत्र के कारण दिल्ली-NCR के कई जनपदों में गर्जना के साथ बिजली कड़कने और अचानक तेज हवाएं चलने की संभावना है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह मौसमी बदलाव कुछ समय के लिए तापमान को 41 डिग्री तक सीमित रख सकता है, लेकिन यह राहत अस्थायी होगी। अगले चार दिनों के भीतर गर्मी का प्रकोप और अधिक बढ़ने के संकेत हैं, जिसमें अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है।

प्रशासनिक स्तर पर इस अलर्ट को गंभीरता से लिया गया है। आंधी-तूफान के दौरान बिजली गिरने के जोखिम को देखते हुए मौसम विशेषज्ञों ने नागरिकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। विशेषकर खुले मैदानों में काम करने वाले मजदूरों और खेतों में मौजूद किसानों को चेतावनी दी गई है कि वे ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों और धातु के ढांचों से दूर रहें। शहरी इलाकों में जर्जर इमारतों और होर्डिंग्स के पास खड़े होने से बचने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि को रोका जा सके।

मौसमी उतार-चढ़ाव का यह दौर दिल्ली की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था और बिजली की मांग पर भी सीधा असर डाल रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अचानक होने वाली बारिश से धूल भरी आंधी चलने की आशंका रहती है, जो श्वसन संबंधी रोगियों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकती है। फिलहाल, दिल्लीवासी एक तरफ जहां आने वाले हफ्तों की भीषण तपिश के लिए तैयार हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर अचानक होने वाली इस मानसूनी हलचल ने प्रशासन को हाई अलर्ट पर रहने के लिए मजबूर कर दिया है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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