दिल्ली की सड़कों पर बरस रही है आग, भीषण लू के बीच बेहाल हुए एनसीआर वाले,मौसम विभाग ने जारी किया 'ऑरेंज अलर्ट'|
मौसम विभाग ने 21 अप्रैल को भीषण गर्मी की चेतावनी जारी की है, दोपहर में तेज धूप के साथ गर्म हवाएं चलने से लू की स्थिति गंभीर होगी।

दिल्ली में भीषण लू के प्रकोप के बीच चिलचिलाती धूप से राहत पाने के लिए अपने सिर पर पानी डालता एक व्यक्ति और धूप से बचकर निकलते राहगीर।
देश की राजधानी दिल्ली और उससे सटे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में सूर्यदेव के तीखे तेवरों ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। अप्रैल के महीने में ही गर्मी ने अपने रौद्र रूप का अहसास कराना शुरू कर दिया है, जिससे ऐसा प्रतीत होता है मानो आसमान से आग की लपटें बरस रही हों। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आगामी 21 अप्रैल के लिए दिल्ली-एनसीआर में भीषण लू यानी 'हीटवेव' का अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आने वाले दिनों में गर्मी की यह तपिश और अधिक घातक होने की संभावना है, जिससे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की हिदायत दी गई है।
दिल्ली के सफदरजंग और पालम जैसे प्रमुख मौसम केंद्रों पर दर्ज किए गए आंकड़ों के अनुसार, अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस से लेकर 43 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। यह सामान्य से काफी अधिक है और लू की स्थिति को और अधिक गंभीर बना रहा है। आसमान पूरी तरह से साफ रहने की वजह से सूरज की किरणें सीधे धरती पर पड़ रही हैं, जिससे कंक्रीट के जंगलों में तब्दील हो चुकी दिल्ली एक भट्टी की तरह तप रही है। सुबह 10 बजे के बाद से ही धूप की तपिश इतनी बढ़ जाती है कि सड़कों पर पैदल चलना दूभर हो गया है।
दोपहर के समय चलने वाली गर्म पछुआ हवाएं लू की स्थिति को और भी विकराल बना रही हैं। यह शुष्क हवाएं शरीर की नमी को तेजी से सोख रही हैं, जिससे डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ गया है। विशेष रूप से उन मजदूरों, रेहड़ी-पटरी वालों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए स्थिति अत्यंत चुनौतीपूर्ण है, जिन्हें आजीविका के लिए भीषण धूप में बाहर रहना पड़ता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने नागरिकों को सलाह दी है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच, जब सूरज का प्रभाव सबसे अधिक होता है, तब तक अनावश्यक रूप से घर या कार्यालय से बाहर न निकलें।
आधिकारिक तौर पर प्रशासन ने भी स्वास्थ्य सेवाओं को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। अस्पतालों को गर्मी से संबंधित बीमारियों जैसे लू लगना, चक्कर आना और बुखार के मामलों के लिए तैयार रहने को कहा गया है। प्रशासन ने जगह-जगह प्याऊ की व्यवस्था करने और लोगों को अधिक से अधिक तरल पदार्थों का सेवन करने के लिए जागरूक करने का अभियान भी तेज कर दिया है। मौसम विभाग का कहना है कि वर्तमान में पश्चिमी विक्षोभ की अनुपस्थिति और राजस्थान की ओर से आने वाली गर्म हवाओं ने दिल्ली-एनसीआर को इस भीषण गर्मी के शिकंजे में कस लिया है।
इस प्राकृतिक चुनौती का प्रभाव केवल मानवीय स्वास्थ्य पर ही नहीं, बल्कि बिजली की मांग और जल आपूर्ति पर भी पड़ रहा है। बढ़ते तापमान के साथ ही एयर कंडीशनर और कूलरों का प्रयोग बढ़ गया है, जिससे बिजली ग्रिड पर दबाव बढ़ता जा रहा है। आने वाले एक-दो दिनों तक इस स्थिति से राहत मिलने की कोई संभावना नजर नहीं आ रही है। दिल्ली-एनसीआर के निवासियों के लिए यह समय धैर्य और सावधानी बरतने का है, क्योंकि प्रकृति के इस प्रचंड प्रहार के सामने सुरक्षा ही एकमात्र बचाव है।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
