पापा मुझे बचाओ और सब खत्म हो गया- फुटपाथ से 11 वर्षीय बच्ची का अपहरण, दुष्कर्म के बाद हत्या|
कैब ड्राइवर ने फुटपाथ से उठाई मासूम, दुष्कर्म के बाद फरीदाबाद-गुरुग्राम रोड पर फेंका शव।

घटना स्थल की जांच करती पुलिस और अस्पताल में भर्ती घायल आरोपी।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक अत्यंत दुखद और विचलित कर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे समाज को स्तब्ध कर दिया है। दिल्ली में एक कैब चालक द्वारा फुटपाथ पर सो रही 11 वर्षीय मासूम बच्ची का अपहरण कर लिया गया। आरोपी ने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया और फिर बेरहमी से उसकी हत्या कर शव को फरीदाबाद-गुरुग्राम रोड के किनारे स्थित जंगल में फेंक दिया। इस घटना ने फुटपाथ पर रहने वाले गरीब परिवारों की सुरक्षा और वहां की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मृतक बच्ची के पिता ने घटना का विवरण देते हुए बताया कि वे अपने परिवार के साथ फुटपाथ पर सोते हैं। सोमवार की सुबह करीब सवा चार बजे उन्हें अचानक अपनी बेटी की चीख सुनाई दी, जो मदद के लिए 'पापा मुझे बचाओ' चिल्ला रही थी। आवाज सुनते ही पिता तुरंत जागे और बचाव के लिए डंडा लेकर दौड़े, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। आरोपी बच्ची को अपनी गाड़ी में बैठाकर मौके से फरार हो चुका था। पिता ने शोर मचाया और गाड़ी का पीछा करने का प्रयास किया, लेकिन आरोपी अपनी गाड़ी तेजी से भगा ले गया। पिता का कहना है कि अगर वे कुछ सेकंड पहले जाग जाते, तो शायद आज उनकी बेटी जीवित होती।
परिवार के अनुसार, मृतक बच्ची चार भाई-बहनों में सबसे बड़ी थी और छोटी उम्र में ही घर की जिम्मेदारियों में हाथ बंटाती थी। वह स्कूल जाकर पढ़ना चाहती थी और अपने परिवार के भविष्य को बेहतर बनाने के सपने देखती थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस स्थान पर ये परिवार सोते हैं, वहां रात के समय असामाजिक तत्वों और नशेड़ियों का जमावड़ा लगा रहता है। क्षेत्र में पुलिस बूथ तो है, लेकिन रात के समय वहां पुलिसकर्मियों की उपस्थिति नदारद रहती है, जिसके कारण गरीब मजदूर परिवार असुरक्षित महसूस करते हैं।
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए जांच शुरू की और आरोपी कैब चालक को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि उसने बच्ची के अपहरण, रेप और हत्या के बाद शव को फरीदाबाद-गुरुग्राम रोड के किनारे फेंका था। पुलिस ने शव को बरामद कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके अतिरिक्त, आरोपी के आपराधिक इतिहास की जांच में पता चला है कि उस पर बिहार में पहले से ही पांच मामले दर्ज हैं, जिनमें से दो मुकदमे हत्या के प्रयास से संबंधित हैं।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी ने भागने की कोशिश भी की। घटना का रिक्रिएशन कराने के दौरान, आरोपी ने जांच अधिकारी इंस्पेक्टर केदार की सरकारी पिस्टल छीनकर पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए दो राउंड फायर किए, जिसमें से एक गोली आरोपी के पैर में लगी। घायल होने के कारण वह भागने में विफल रहा और पुलिस ने उसे पुनः काबू कर अस्पताल में भर्ती कराया। फिलहाल, पुलिस द्वारा मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। यह घटना समाज के लिए एक बड़ा सबक है और ऐसे अपराधों पर सख्त अंकुश लगाने की आवश्यकता को रेखांकित करती है।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
