दिल्ली में पांच साल की सबसे गर्म जुलाई की रात दर्ज, बारिश का इंतजार अब भी जारी|
दिल्ली में पिछले पांच वर्षों में जुलाई की सबसे गर्म रात दर्ज की गई है, जहां न्यूनतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस रहा और मौसम विभाग ने बारिश का अनुमान जताया है।

गर्मी और उच्च तापमान के बीच दिल्ली की सड़क पर धूप से बचकर चलते हुए लोग।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शुक्रवार की रात पिछले पांच वर्षों में जुलाई महीने की सबसे गर्म रात के रूप में दर्ज की गई, जिससे उमस भरी गर्मी का प्रकोप और अधिक बढ़ गया है। राजधानी दिल्ली में शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, हालांकि इसके बावजूद शहरवासियों को झमाझम बारिश का अभी भी बेसब्री से इंतजार है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इससे पहले एक जुलाई 2021 को न्यूनतम तापमान 31.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। इस भयंकर उमस और उच्च तापमान के कारण आम जनजीवन काफी प्रभावित नजर आया है।
मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान सामान्य से 3.6 डिग्री सेल्सियस अधिक यानी 38.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। शहर के अलग-अलग हिस्सों में भी गर्मी का असर कड़ा रहा, जिसमें लोधी रोड में अधिकतम तापमान सामान्य से 5.0 डिग्री अधिक यानी 39.0 डिग्री सेल्सियस, पालम में 38.5 डिग्री सेल्सियस, आयानगर में 38.4 डिग्री सेल्सियस और रिज केंद्र पर 37.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, न्यूनतम तापमान के मोर्चे पर मुख्य सफदरजंग वेधशाला में यह सामान्य से 3.8 डिग्री अधिक यानी 31.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि पालम में 29.1 डिग्री सेल्सियस, लोधी रोड में 30.1 डिग्री सेल्सियस, आयानगर में 30.1 डिग्री सेल्सियस और रिज केंद्र पर 25.6 डिग्री सेल्सियस रहा।
बढ़ती गर्मी और उमस के इस दौर के बीच मौसम विभाग ने राहत की उम्मीद भी जताई है। आईएमडी ने सप्ताहांत यानी शनिवार और रविवार के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया है, जिसके तहत आंशिक रूप से बादल छाए रहने और गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान भी जताया गया है, जिससे तापमान में कुछ गिरावट आ सकती है। दूसरी ओर, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार शुक्रवार शाम को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 176 दर्ज किया गया, जो 'मध्यम' श्रेणी के अंतर्गत आता है। प्रशासनिक स्तर पर मौसम के इन बदलावों पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि बदलते हालातों के बीच जनता को समय पर अपडेट मिल सके।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
