दिल्ली में 'रेड अलर्ट': झुलसाने वाली गर्मी का कहर शुरू, 44 डिग्री सेल्सियस में झुलस रहा है आम जनजीवन।
मौसम विभाग ने दिल्ली में भीषण लू को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है; दोपहर 12 से 4 बजे तक घर से बाहर न निकलने की सलाह।

दिल्ली में बढ़ते तापमान और भीषण लू से बचने के लिए सड़क पर अपने चेहरों को कपड़े से ढंककर चलते लोग।
देश की राजधानी दिल्ली इस समय प्रकृति के प्रचंड स्वरूप का सामना कर रही है। अप्रैल के महीने में ही सूर्य देव के तीखे तेवरों ने दिल्लीवासियों का जीना मुहाल कर दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, 24 अप्रैल 2026 को दिल्ली और आसपास के इलाकों में भीषण गर्मी और लू (Heatwave) का जबरदस्त प्रकोप देखने को मिलेगा। मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि शुक्रवार को राजधानी का अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के स्तर को छू सकता है, जो सामान्य से कई डिग्री अधिक है। सुबह की शुरुआत के साथ ही गर्म हवाओं के थपेड़ों ने सड़कों पर सन्नाटा पसरने के संकेत दे दिए हैं।
इस भीषण गर्मी के पीछे मुख्य कारण उत्तर-पश्चिम भारत से आने वाली शुष्क और गर्म हवाएं हैं। आसमान पूरी तरह साफ होने के कारण सूरज की किरणें सीधे धरती पर पड़ रही हैं, जिससे 'अर्बन हीट आइलैंड' जैसा प्रभाव निर्मित हो रहा है। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच लू का असर अपने चरम पर रहेगा। इस दौरान चलने वाली गर्म हवाएं न केवल शारीरिक थकान पैदा करेंगी, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा साबित हो सकती हैं। विभाग ने इस स्थिति को देखते हुए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है, जिसका अर्थ है कि प्रशासन और आम जनता को प्रतिकूल मौसम के लिए पूरी तरह तैयार रहना चाहिए।
प्रशासनिक स्तर पर भी इस स्थिति को लेकर गंभीरता दिखाई जा रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने परामर्श जारी करते हुए कहा है कि नागरिक अनावश्यक रूप से दोपहर के समय घर से बाहर न निकलें। यदि बाहर निकलना अनिवार्य हो, तो सिर को सूती कपड़े या टोपी से ढंककर रखें और शरीर में पानी की कमी न होने दें। विशेष रूप से बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमारियों से जूझ रहे व्यक्तियों को इस मौसम में अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। सरकारी अस्पतालों को भी गर्मी से संबंधित बीमारियों जैसे हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के मामलों से निपटने के लिए अलर्ट मोड पर रखा गया है।
शहरी जीवन पर इस बढ़ते तापमान का सीधा असर दिखाई दे रहा है। दिल्ली की सड़कों पर दोपहर के समय आवाजाही काफी कम हो गई है और लोग छायादार स्थानों की तलाश में नजर आ रहे हैं। खुले में काम करने वाले मजदूरों और रेहड़ी-पटरी वालों के लिए यह मौसम सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। बिजली की मांग में भी भारी उछाल दर्ज किया गया है, क्योंकि घरों और दफ्तरों में एयर कंडीशनर और कूलरों का उपयोग बढ़ गया है।
इस मौसमी घटनाक्रम का समापन निकट भविष्य में होता नहीं दिख रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक तापमान में गिरावट की कोई संभावना नहीं है। आसमान साफ रहने के कारण लू का यह दौर सप्ताह के अंत तक जारी रह सकता है। दिल्ली की यह तपिश न केवल जलवायु परिवर्तन की ओर इशारा कर रही है, बल्कि यह समय की मांग है कि नागरिक और प्रशासन मिलकर इस प्राकृतिक चुनौती का सामना करें और सुरक्षित रहने के सभी मानकों का पालन करें।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
